
जबलपुर में एक मार्मिक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सिवनी जिले की 48 वर्षीय महिला न्याय की गुहार लेकर करीब 62 किलोमीटर का सफर तय कर आईजी कार्यालय पहुंची। महिला कभी पैदल, कभी ऑटो और कभी बाइक से सफर करते हुए जबलपुर पहुंची और अपनी आपबीती सुनाई।
पीड़िता सावित्री चडार, जो सिवनी जिले के धूमा क्षेत्र की रहने वाली है, ने आईजी को बताया कि वह फल बेचकर अपने परिवार का गुजारा करती है।
उसका आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले कृष्ण कुमार तिवारी और उसके परिवार द्वारा बीते तीन महीनों से लगातार उसे और उसके परिवार को परेशान किया जा रहा है।
महिला ने बताया कि विवाद की शुरुआत 18 अप्रैल की रात हुई, जब वह फल बेचकर घर लौट रही थी।
जब वह घर पहुंची तो बाद में पति के साथ वापस जाकर रास्ता साफ करने लगी, तभी आरोपी वहां पहुंच गया और गाली-गलौज करते हुए मिट्टी हटाने से मना कर दिया।
पीड़िता का आरोप है कि:
सभी ने मिलकर पीड़िता के साथ मारपीट की और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी।
महिला का कहना है कि आरोपियों ने कहा कि “देखना, वीडियो वायरल होने के बाद कितनी बेइज्जती होगी।”
सावित्री चडार ने आरोप लगाया कि जब वह शिकायत लेकर धूमा थाना पहुंची, तो वहां मौजूद एएसआई ने:
इसके बाद महिला ने:
लेकिन आरोप है कि कहीं से भी उसे न्याय नहीं मिला।
पीड़िता ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करने के बाद पुलिस उसके घर आने लगी और दबाव बनाकर शिकायत बंद करने को कहा गया।
महिला का आरोप है कि:
लगातार परेशान होकर सावित्री मंगलवार सुबह बिना किसी को बताए जबलपुर आईजी कार्यालय पहुंची।
यहां उसने:
आईजी प्रमोद वर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए:
लंबे समय से न्याय के लिए भटक रही पीड़िता को अब आईजी स्तर से हस्तक्षेप के बाद उम्मीद जगी है कि उसे न्याय मिलेगा।
यह मामला न सिर्फ स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि एक आम नागरिक को न्याय पाने के लिए कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
इन सभी सवालों के जवाब अब आने वाले दिनों में जांच और कार्रवाई के बाद सामने आएंगे।
अपनी खबर हमें भेजें – हम उसे दुनिया तक पहुँचाएंगे।
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