
जबलपुर में स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिलने से परेशान कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय पहुंचकर विरोध जताया और जल्द भुगतान की मांग की है। कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 30 मई तक लंबित वेतन नहीं मिला तो 1 जून से वे काम बंद कर हड़ताल पर चले जाएंगे।
इस मामले ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी विभिन्न सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाएं दे रहे हैं।
मध्य प्रदेश संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के नेतृत्व में कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत आउटसोर्स एजेंसियां समय पर वेतन भुगतान नहीं कर रही हैं। कर्मचारियों का कहना है कि मार्च 2026 से अब तक किसी भी कर्मचारी को वेतन नहीं मिला है।
कर्मचारियों के अनुसार:
संघ का दावा है कि जिले में करीब 250 आउटसोर्स कर्मचारी इस समस्या से प्रभावित हैं।
कर्मचारियों ने वेतन के अलावा अन्य अनियमितताओं के भी आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कई कर्मचारियों को नियुक्ति आदेश, अनुभव प्रमाण पत्र और एरियर भुगतान तक नहीं मिला है। साथ ही ईपीएफ और ईएसआईसी जैसी सुविधाओं में भी गड़बड़ी की शिकायत की गई है।
कर्मचारियों का आरोप है कि संबंधित एजेंसियों से जानकारी मांगने पर भी स्पष्ट जवाब नहीं दिया जाता।
वेतन भुगतान में लगातार देरी से नाराज कर्मचारियों ने CMHO कार्यालय पहुंचकर नारेबाजी की और ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो जिलेभर में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने प्रशासन से मांग की कि कम से कम तीन माह का बकाया वेतन तत्काल जारी किया जाए।
संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने प्रशासन को 30 मई तक का अल्टीमेटम दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि तय समय सीमा तक भुगतान नहीं हुआ तो 1 जून 2026 से सभी आउटसोर्स कर्मचारी सामूहिक रूप से हड़ताल पर चले जाएंगे।
यदि हड़ताल होती है तो इसका असर जिले के कई शासकीय अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से जुड़ी सेवाओं पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आउटसोर्स कर्मचारी स्वास्थ्य सेवाओं का अहम हिस्सा हैं। ऐसे में लंबे समय तक वेतन न मिलने और संभावित हड़ताल की स्थिति से मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को जल्द हस्तक्षेप कर कर्मचारियों की समस्या का समाधान करना चाहिए ताकि स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों।
फिलहाल कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रशासन को अंतिम चेतावनी दे दी है। अब यह देखना होगा कि 1 जून से पहले वेतन भुगतान को लेकर क्या फैसला होता है और क्या प्रस्तावित हड़ताल टल पाती है या नहीं।
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