होमट्रेंडिंगGoogle पर डॉक्टर का नंबर सर्च करना पड़ा महंगा, फर्जी अपॉइंटमेंट लिंक से जबलपुर की वृद्धा के खाते से 2.73 लाख रुपये उड़ाए

Google पर डॉक्टर का नंबर सर्च करना पड़ा महंगा, फर्जी अपॉइंटमेंट लिंक से जबलपुर की वृद्धा के खाते से 2.73 लाख रुपये उड़ाए

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इंटरनेट पर किसी डॉक्टर या अस्पताल का नंबर सर्च कर सीधे कॉल करना अब साइबर ठगों का नया हथकंडा बनता
Google पर Doctor का नंबर सर्च करना पड़ा भारी, Jabalpur में ₹2.73 लाख की ठगी

इंटरनेट पर किसी डॉक्टर या अस्पताल का नंबर सर्च कर सीधे कॉल करना अब साइबर ठगों का नया हथकंडा बनता जा रहा है। जबलपुर में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां Google पर डॉक्टर का नंबर खोजकर अपॉइंटमेंट लेने की कोशिश एक वृद्धा को भारी पड़ गई। साइबर ठगों ने फर्जी नंबर के जरिए संपर्क कर ऑनलाइन अपॉइंटमेंट के नाम पर लिंक भेजा और कुछ ही देर में 2 लाख 73 हजार रुपये उनके बैंक खातों से निकाल लिए।

मामले की शिकायत मिलने के बाद संजीवनी नगर थाना पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Google से नंबर सर्च कर किया था कॉल

जानकारी के अनुसार, पीड़िता उषा चौकसे को डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लेना था। इसके लिए उन्होंने Google पर डॉक्टर का मोबाइल नंबर सर्च किया और उसी नंबर पर कॉल किया।

फोन उठाने वाले व्यक्ति ने खुद को संबंधित डॉक्टर या क्लिनिक से जुड़ा बताते हुए कहा कि अब केवल ऑनलाइन अपॉइंटमेंट ही बुक किए जाते हैं। इसके बाद उसने पीड़िता के व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजा।

लिंक पर जानकारी भरते ही हुआ मोबाइल हैक

पीड़िता ने अपॉइंटमेंट की प्रक्रिया पूरी करने के लिए लिंक खोलकर मांगी गई जानकारी भर दी। कुछ ही समय बाद उनका मोबाइल असामान्य रूप से काम करने लगा और कथित तौर पर हैक हो गया।

मोबाइल दोबारा चालू होने पर बैंक से लगातार ट्रांजैक्शन के मैसेज आने लगे। तब उन्हें पता चला कि उनके खाते से बड़ी रकम निकाल ली गई है।

व्यक्तिगत और संयुक्त खाते से निकाली गई रकम

पीड़िता के अनुसार, साइबर ठगों ने पहले उनके व्यक्तिगत बैंक खाते से पैसे निकाले। इसके बाद उनके बेटे के साथ संचालित संयुक्त खाते से भी राशि ट्रांसफर कर ली गई।

दोनों खातों से कुल 2 लाख 73 हजार रुपये की धोखाधड़ी होने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना के बाद उषा चौकसे ने संजीवनी नगर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर ठगी के इस प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।

जांच के दौरान यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जी नंबर किसके नाम पर संचालित था, लिंक कहां से भेजा गया और रकम किन बैंक खातों में ट्रांसफर की गई।

ऐसे साइबर फ्रॉड से कैसे बचें?

साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, Google Search पर दिखने वाले हर मोबाइल नंबर को आधिकारिक मान लेना सुरक्षित नहीं है। कई बार ठग फर्जी नंबर और वेबसाइट अपलोड कर लोगों को निशाना बनाते हैं।

सुरक्षा के लिए इन बातों का ध्यान रखें—

  • डॉक्टर या अस्पताल का नंबर हमेशा उनकी आधिकारिक वेबसाइट या सत्यापित सोशल मीडिया पेज से ही लें।
  • किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी पुष्टि करें।
  • अपॉइंटमेंट के नाम पर बैंक, कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग से जुड़ी जानकारी साझा न करें।
  • मोबाइल में संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत इंटरनेट बंद करें और बैंक व साइबर हेल्पलाइन को सूचना दें।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग करते समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध लिंक या कॉल पर अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी साझा न करें।

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