
Last updated: July 28th, 2026 at 04:20 pm
जबलपुर में मिलावटी और दूषित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष जांच अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत सोमवार को शहर की कई डेयरियों और चिलिंग प्लांट का निरीक्षण किया गया। इस दौरान दूध, पनीर, दही और खोवा के नमूने लेकर उन्हें गुणवत्ता जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया। हाल के दिनों में प्रदेश में मिलावटी दुग्ध उत्पादों के मामलों के बाद विभाग लगातार सख्ती बरत रहा है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित गुप्ता ने बताया कि अभियान के तहत औद्योगिक क्षेत्र उमरिया-डुंगरिया स्थित नारायण डेयरी चिलिंग प्लांट का निरीक्षण किया गया। यहां से दूध, पनीर, दही और खोवा के नमूने एकत्र किए गए। इसके अलावा गढ़ा स्थित प्रज्ञा डेयरी से पनीर, मारवाड़ी डेयरी से पनीर और दही तथा गुप्तेश्वर क्षेत्र की डेयरी से दूध और पनीर के नमूने भी लिए गए।
सभी नमूनों को विधिवत सीलबंद कर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि दूध और दुग्ध उत्पाद निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हैं या नहीं। यदि किसी भी नमूने में मिलावट या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है, तो संबंधित डेयरी संचालकों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह अभियान लगातार जारी रहेगा। विशेष रूप से दूध और उससे बने उत्पादों की मांग को देखते हुए विभाग नियमित रूप से डेयरियों, मिठाई दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच कर रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाद्य गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी डेयरी या खाद्य प्रतिष्ठान पर मिलावट या संदिग्ध खाद्य सामग्री की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल खाद्य सुरक्षा विभाग को दें। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि लोगों तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री पहुंच सके
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