होमजबलपुर उत्तरग्राम रोजगार सहायकों के नियमितीकरण मामले में आज हाईकोर्ट में सुनवाई, 25 हजार कर्मचारियों की नजरें टिकीं

ग्राम रोजगार सहायकों के नियमितीकरण मामले में आज हाईकोर्ट में सुनवाई, 25 हजार कर्मचारियों की नजरें टिकीं

-
जबलपुर हाईकोर्ट में आज ग्राम रोजगार सहायकों (GRS) के नियमितीकरण से जुड़े महत्वपूर्ण मामले में सुनवाई होने जा रही है।
d5500754-b282-4c51-8351-8dbcd028c2e6

जबलपुर हाईकोर्ट में आज ग्राम रोजगार सहायकों (GRS) के नियमितीकरण से जुड़े महत्वपूर्ण मामले में सुनवाई होने जा रही है। यह मामला प्रदेश के करीब 25 हजार ग्राम रोजगार सहायकों से जुड़ा बताया जा रहा है, इसलिए आज की सुनवाई को लेकर कर्मचारियों के बीच खासा उत्साह और इंतजार बना हुआ है।

लंबे समय से नियमितीकरण की मांग कर रहे ग्राम रोजगार सहायकों की नजर अब हाईकोर्ट की कार्यवाही और सरकार के जवाब पर टिकी हुई है।

सरकार को जवाब पेश करना है

जानकारी के अनुसार इस मामले में दायर याचिकाओं पर आज राज्य सरकार की ओर से जवाब पेश किया जाना है।

पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार को स्पष्ट रूप से अंतिम मौका देते हुए जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए थे।

एक पक्षीय फैसले की भी चर्चा

मामले में यह भी कहा जा रहा है कि यदि सरकार की ओर से आज भी जवाब प्रस्तुत नहीं किया जाता, तो हाईकोर्ट एक पक्षीय फैसला लेने पर विचार कर सकता है।

इसी वजह से आज की सुनवाई को काफी अहम माना जा रहा है।

नियमितीकरण की मांग क्यों?

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि मध्यप्रदेश में कार्यरत ग्राम रोजगार सहायकों को लंबे समय से नियमित कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है।

उनकी मांग है कि अन्य राज्यों की तरह मध्यप्रदेश में भी GRS कर्मचारियों को नियमित किया जाए और उन्हें स्थायी सेवाओं का लाभ मिले।

दो साल से हाईकोर्ट में लंबित है मामला

बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला पिछले करीब दो वर्षों से हाईकोर्ट में विचाराधीन है।

इस दौरान कई बार सुनवाई हुई, लेकिन कर्मचारियों के अनुसार सरकार की ओर से समय पर जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।

प्रदेशभर के GRS कर्मचारियों में उत्सुकता

आज की सुनवाई को लेकर प्रदेशभर के ग्राम रोजगार सहायकों के बीच काफी उत्सुकता देखी जा रही है।

कई कर्मचारी संगठनों का मानना है कि यदि अदालत में सरकार का पक्ष स्पष्ट नहीं होता, तो मामले में महत्वपूर्ण आदेश सामने आ सकते हैं।

रोजगार सहायकों की क्या भूमिका होती है?

ग्राम रोजगार सहायक ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मनरेगा सहित कई योजनाओं के संचालन, रिकॉर्ड संधारण और ग्रामीण विकास कार्यों में उनकी जिम्मेदारी रहती है।

लंबे समय से चल रही मांग

GRS कर्मचारी लंबे समय से नियमितीकरण, वेतन विसंगति और सेवा सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं।

कई बार प्रदर्शन और ज्ञापन के माध्यम से भी सरकार तक अपनी मांग पहुंचाई जा चुकी है। अब कर्मचारियों को उम्मीद है कि हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद मामले में कोई स्पष्ट दिशा सामने आएगी।

आज की सुनवाई पर सबकी नजर

फिलहाल हाईकोर्ट में होने वाली आज की सुनवाई पर हजारों ग्राम रोजगार सहायकों की नजरें टिकी हुई हैं।

कानूनी और प्रशासनिक हलकों में भी इस मामले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसका असर बड़ी संख्या में कर्मचारियों पर पड़ सकता है।

समाचार मुख्य आकर्षण

आपको यह भी पसंद आ सकता है

No Comments