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अधारताल इंडस्ट्रियल एरिया में श्रमिकों का विरोध प्रदर्शन, फैक्ट्री मालिक पर गंभीर आरोप

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जबलपुर के अधारताल इंडस्ट्रियल एरिया स्थित “मैसर्स नर्मदा उद्योग” फर्नीचर एंड फर्नीचर कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों ने फैक्ट्री
Adhartal Industrial Area में श्रमिकों का Protest, मालिक पर आरोप

जबलपुर के अधारताल इंडस्ट्रियल एरिया स्थित “मैसर्स नर्मदा उद्योग” फर्नीचर एंड फर्नीचर कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों ने फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। वर्षों से काम कर रहे श्रमिकों ने कंपनी मालिक सुनील विश्वकर्मा पर श्रमिक अधिकारों की अनदेखी और अमानवीय व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं।

कर्मचारियों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और अपनी समस्याओं को मीडिया के सामने रखा। मजदूरों का कहना है कि लंबे समय से शिकायतों के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।

15 से 20 साल से काम, फिर भी नहीं मिल रहीं सुविधाएं

प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों के अनुसार वे पिछले 15 से 20 वर्षों से फैक्ट्री में काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक किसी भी प्रकार की बुनियादी सरकारी सुविधा नहीं दी गई।

कर्मचारियों का आरोप है कि उनका पीएफ नहीं काटा जाता और न ही किसी प्रकार का फंड या सामाजिक सुरक्षा लाभ उपलब्ध कराया जाता है।

संडे और त्योहारों की छुट्टी भी नहीं

मजदूरों ने बताया कि उन्हें रविवार या त्योहारों पर भी अवकाश नहीं दिया जाता। जितने दिन काम किया जाता है, केवल उतने दिनों का भुगतान कर दिया जाता है।

श्रमिकों का कहना है कि लगातार काम के बावजूद वेतन और सुविधाओं को लेकर प्रबंधन का रवैया बेहद कठोर बना हुआ है।

घायल होने पर नौकरी से निकालने का आरोप

कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि किसी मजदूर को काम के दौरान चोट लग जाए या स्वास्थ्य खराब हो जाए, तो इलाज कराने के बजाय उसे नौकरी से निकालकर घर भेज दिया जाता है।

बताया जा रहा है कि हाल ही में दो कर्मचारियों को गंभीर चोटें आई थीं, लेकिन उन्हें किसी प्रकार की सहायता नहीं मिली। इसी बात से नाराज मजदूरों ने विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया।

महिला कर्मचारी ने सुनाई आपबीती

एक महिला कर्मचारी ने भावुक होकर बताया कि वह पिछले 22 वर्षों से फैक्ट्री में काम कर रही हैं। उनका आरोप है कि जब भी वेतन बढ़ाने की मांग की जाती है, तो उन्हें “जहां ज्यादा पैसा मिले वहां चले जाओ” कहकर प्रताड़ित किया जाता है।

कर्मचारियों का कहना है कि वे पहले भी श्रम न्यायालय में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

2016 में भी सौंपा था ज्ञापन

श्रमिकों के मुताबिक वर्ष 2016 में भी इस मामले को लेकर लेबर कोर्ट में ज्ञापन दिया गया था। इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।

अब मजदूरों ने साफ कहा है कि वे अपने अधिकारों के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।

श्रमिक अधिकारों को लेकर बढ़ी चर्चा

इस विरोध प्रदर्शन के बाद अधारताल इंडस्ट्रियल एरिया में श्रमिकों की कार्य परिस्थितियों और श्रम कानूनों के पालन को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों को बुनियादी सुविधाएं और सुरक्षित कार्य वातावरण मिलना बेहद जरूरी है। श्रमिक अधिकारों को लेकर देशभर में समय-समय पर आवाज उठती रही है।

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