होमजबलपुर पश्चिमजबलपुर में सजी ‘मुकेश की शाम’, सदाबहार गीतों पर झूमे श्रोता

जबलपुर में सजी ‘मुकेश की शाम’, सदाबहार गीतों पर झूमे श्रोता

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जबलपुर।सदाबहार पार्श्व गायक मुकेश के यादगार गीतों से जबलपुर की शाम सुरमयी हो गई। मानस भवन में आयोजित ‘मुकेश की
जबलपुर में सजी ‘मुकेश की शाम’, सदाबहार गीतों पर झूमे श्रोता

जबलपुर।सदाबहार पार्श्व गायक मुकेश के यादगार गीतों से जबलपुर की शाम सुरमयी हो गई। मानस भवन में आयोजित ‘मुकेश की शाम’ संगीत कार्यक्रम में कलाकारों ने मुकेश के लोकप्रिय नगमों को अपनी आवाज में पेश किया। जैसे ही पुराने दौर के गीतों की धुनें सभागार में गूंजीं, संगीतप्रेमी श्रोता भाव-विभोर हो गए और पूरा मानस भवन तालियों से गूंज उठा।

मुकेश के सदाबहार गीतों ने बांधा समां

कार्यक्रम में मुकेश की आवाज में लोकप्रिय रहे गीतों की प्रस्तुतियां दी गईं। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के जरिए उनके गायन की मिठास और भावनात्मक अंदाज को मंच पर जीवंत करने का प्रयास किया।

एक के बाद एक लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति के दौरान दर्शक गीतों के साथ झूमते और तालियां बजाते नजर आए। कई गीतों ने श्रोताओं को पुराने दौर की यादों में पहुंचा दिया।

अवशेष जैन समेत कलाकारों ने दी प्रस्तुति

कार्यक्रम में प्रसिद्ध प्लेबैक सिंगर अवशेष जैन सहित अन्य कलाकारों ने मुकेश के गीतों को अपनी आवाज दी। कलाकारों की प्रस्तुतियों को दर्शकों की ओर से खूब सराहना मिली।

मुकेश के गीतों की खासियत रही है कि उनकी आवाज में दर्द, प्रेम और भावनाओं की गहराई सुनाई देती थी। यही वजह है कि उनके गीत आज भी संगीतप्रेमियों के बीच लोकप्रिय हैं। कार्यक्रम में प्रस्तुत गीतों के दौरान इस विरासत की झलक देखने को मिली।

तालियों से गूंजता रहा मानस भवन

कार्यक्रम के दौरान सभागार में मौजूद संगीतप्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिला। कलाकारों की हर प्रस्तुति के बाद दर्शकों ने तालियों के साथ उनका उत्साह बढ़ाया।

मुकेश के पुराने और लोकप्रिय गीतों को सुनकर श्रोता उनकी यादों में खोते नजर आए। कार्यक्रम ने जबलपुर के संगीतप्रेमियों को पुराने हिंदी फिल्म संगीत के दौर से जोड़ने का काम किया।

‘मुकेश की शाम’ के माध्यम से सदाबहार गायक मुकेश के संगीत को एक बार फिर मंच पर जीवंत किया गया। कार्यक्रम के अंत तक मानस भवन में संगीत और तालियों की गूंज बनी रही।

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