
Last updated: August 14th, 2026 at 04:52 pm
शहर में अवैध और नियम विरुद्ध तरीके से संचालित स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में जिला स्तरीय जांच दल ने राइट टाउन क्षेत्र स्थित पेथ केयर डायग्नोस्टिक सेंटर का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान सेंटर का पंजीयन समाप्त पाया गया। पंजीयन के नवीनीकरण की प्रक्रिया भी अब तक नहीं कराई गई थी।
जांच में कई अनियमितताएं सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सेंटर को तत्काल सील कर दिया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मदन महल स्टेशन रोड, राइट टाउन स्थित पेथ केयर डायग्नोस्टिक सेंटर का निरीक्षण किया। जांच के दौरान सामने आया कि सेंटर का स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी पंजीयन मार्च 2026 में ही समाप्त हो चुका था।
इसके बावजूद सेंटर के पंजीयन के नवीनीकरण के लिए अब तक कोई प्रक्रिया नहीं कराई गई थी। पंजीयन समाप्त होने के बाद भी सेंटर का संचालन किए जाने को जांच दल ने गंभीरता से लिया।
निरीक्षण के दौरान जांच दल ने सेंटर में कार्यरत कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता और प्रशिक्षण से संबंधित आवश्यक प्रमाण-पत्र मांगे। हालांकि, जांच टीम को संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए।
जांच के समय लैब हेड लकी सिंह, लैब टेक्नीशियन आरती नेमा और सेल्स प्रबंधक अनिल गुप्ता मौके पर मौजूद मिले।
जांच के दौरान सेंटर में पैथोलॉजिस्ट के रूप में डॉ. अमिता त्रिवेदी के कार्यरत होने की जानकारी सामने आई। जांच दल ने उन्हें कार्रवाई में सहयोग के लिए मौके पर उपस्थित होने को कहा, लेकिन वह निरीक्षण के दौरान वहां मौजूद नहीं हुईं।
इसके बाद जांच दल ने सेंटर के संचालन से जुड़े दस्तावेज और अन्य व्यवस्थाओं की जांच की।
पंजीयन समाप्त होने और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाने सहित अन्य अनियमितताओं के सामने आने के बाद जिला स्तरीय जांच दल ने पेथ केयर डायग्नोस्टिक सेंटर को तत्काल सील कर दिया।
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से अवैध और नियम विरुद्ध तरीके से संचालित स्वास्थ्य संस्थानों में हड़कंप की स्थिति है।
कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद कर्मचारियों को सेंटर से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज तीन दिन के भीतर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग अब प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई करेगा। विभाग का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ निरीक्षण और कार्रवाई का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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