
Last updated: July 29th, 2026 at 07:02 pm
अवैध लिंग परीक्षण के खिलाफ पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो डॉक्टरों और एक स्टाफ नर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। प्रारंभिक जांच में मिले तथ्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। मामले में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, शिकायत और प्रारंभिक जांच के बाद संबंधित संस्थान में कार्रवाई की गई। जांच के दौरान दस्तावेजों के साथ इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और अन्य सामग्री को कब्जे में लिया गया, जिनकी फॉरेंसिक और तकनीकी जांच की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब्त किए गए रिकॉर्ड का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अवैध लिंग परीक्षण का नेटवर्क कितना व्यापक था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
प्रारंभिक जांच के आधार पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ प्री-कंसेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स (PCPNDT) Act और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच पूरी होने के बाद आवश्यकतानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जांच एजेंसियां जब्त किए गए मोबाइल फोन, कंप्यूटर, रजिस्टर और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही हैं। इससे यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या इस मामले में अन्य लोग या संस्थान भी जुड़े हुए हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भ्रूण लिंग परीक्षण और उससे जुड़े अवैध कार्यों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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