होमअपराधसरकारी कर्मचारी पर फर्जी आयुष्मान कार्ड से लाखों का इलाज कराने का आरोप, CMHO जांच में प्रथम दृष्टया शिकायत सही

सरकारी कर्मचारी पर फर्जी आयुष्मान कार्ड से लाखों का इलाज कराने का आरोप, CMHO जांच में प्रथम दृष्टया शिकायत सही

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जबलपुर में एक शासकीय कर्मचारी पर कथित रूप से फर्जी आयुष्मान कार्ड बनवाकर सरकारी योजना के तहत लाखों रुपये का
फर्जी आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने के आरोप में सरकारी कर्मचारी जांच के घेरे मे

जबलपुर में एक शासकीय कर्मचारी पर कथित रूप से फर्जी आयुष्मान कार्ड बनवाकर सरकारी योजना के तहत लाखों रुपये का इलाज कराने का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय ने मामले की जांच कराई, जिसमें प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने की बात सामने आई है। अब विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के कर्मचारी पर आरोप

जानकारी के अनुसार, शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में पदस्थ कर्मचारी सुनील जाट पर आरोप है कि उन्होंने पात्रता नहीं होने के बावजूद कथित रूप से फर्जी तरीके से आयुष्मान कार्ड बनवाकर योजना का लाभ लिया।

शिकायत में दावा किया गया कि आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए समग्र आईडी में कथित हेरफेर की गई, जिसके आधार पर सरकारी स्वास्थ्य योजना का लाभ प्राप्त किया गया।

2023 में कराया था उपचार

जांच के दौरान सामने आया कि संबंधित कर्मचारी ने वर्ष 2023 में आयुष्मान भारत योजना के तहत इस कार्ड का उपयोग कर इलाज कराया था। शिकायत के बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई, जिसमें दस्तावेजों और रिकॉर्ड का परीक्षण किया गया।

CMHO की जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) की प्रारंभिक जांच में शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए हैं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि अंतिम निर्णय विस्तृत जांच रिपोर्ट और उपलब्ध दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही लिया जाएगा।

रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, विस्तृत जांच पूरी होने के बाद संबंधित कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि दस्तावेजों में हेरफेर और फर्जीवाड़ा प्रमाणित होता है, तो संबंधित कानूनों के तहत विभागीय और कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

योजना में गड़बड़ी रोकने पर जोर

आयुष्मान भारत योजना आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र परिवारों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने के उद्देश्य से संचालित की जाती है। ऐसे मामलों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग पात्रता सत्यापन और दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया को और सख्त करने पर भी विचार कर रहा है।

फिलहाल मामले में अंतिम कार्रवाई विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद की जाएगी।

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