
शिक्षा व्यवस्था में सुधार, NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को जबलपुर में राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शहर में अर्थी जुलूस निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और छात्रों की मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्र लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार और प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं का कहना है कि संगठन के कई साथी पिछले 21 दिनों से धरने पर बैठे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर अब तक कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि छात्रों की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिससे युवाओं में नाराजगी बढ़ रही है।
एनएसयूआई नेता अनुराग शुक्ला ने आरोप लगाया कि दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने संगठन के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया और बल प्रयोग किया। उन्होंने इसे छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे युवाओं के साथ ऐसा व्यवहार उचित नहीं है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों और छात्रों के मुद्दों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उनका कहना है कि जब तक छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाएगा, आंदोलन जारी रहेगा।
एनएसयूआई ने केंद्र सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि इस अवधि के भीतर केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तो पूरे जबलपुर जिले में बंद का आह्वान किया जाएगा।
संगठन के अनुसार, प्रस्तावित बंद में एनएसयूआई, यूथ कांग्रेस और अन्य सहयोगी संगठन भी शामिल होंगे।
हालांकि, इस पूरे मामले पर प्रशासन या संबंधित पक्ष की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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