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MPMSU ने बदला MBBS परीक्षा पैटर्न, अब रटने नहीं क्लिनिकल सोच और रीजनिंग पर होगा फोकस

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 मध्य प्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी (MPMSU) ने एमबीबीएस छात्रों के लिए परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। विश्वविद्यालय ने
MPMSU ने बदला MBBS Exam Pattern, अब Clinical Skills पर होगा फोकस

 मध्य प्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी (MPMSU) ने एमबीबीएस छात्रों के लिए परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। विश्वविद्यालय ने प्रश्न-पत्र के प्रारूप और अंक वितरण में संशोधन करते हुए स्पष्ट किया है कि अब परीक्षा का उद्देश्य केवल रटकर उत्तर लिखने की क्षमता का परीक्षण नहीं होगा, बल्कि छात्रों की क्लिनिकल समझ, तार्किक क्षमता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और व्यावहारिक ज्ञान का मूल्यांकन किया जाएगा।

विश्वविद्यालय के अनुसार यह बदलाव नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया गया है और आगामी सभी एमबीबीएस थ्योरी परीक्षाएं नए प्रारूप के अनुसार आयोजित की जाएंगी।

रटने की बजाय क्लिनिकल समझ पर रहेगा जोर

एमपीएमएसयू के रजिस्ट्रार डॉ. पुष्पराज सिंह बघेल ने बताया कि नए परीक्षा पैटर्न को लेकर प्रदेश के सभी शासकीय और निजी मेडिकल कॉलेजों के डीन एवं प्राचार्यों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि अब छात्रों से केवल सैद्धांतिक प्रश्न नहीं पूछे जाएंगे, बल्कि क्लिनिकल केस स्टडी, वैज्ञानिक तर्क (रीजनिंग) और वास्तविक चिकित्सा परिस्थितियों से जुड़े प्रश्न भी शामिल होंगे। इससे विद्यार्थियों की विश्लेषणात्मक क्षमता और मरीजों के उपचार से जुड़े निर्णय लेने की योग्यता का बेहतर आकलन किया जा सकेगा।

100 अंकों का प्रश्नपत्र पांच भागों में बंटेगा

नए परीक्षा पैटर्न के तहत 100 अंकों के प्रश्नपत्र को पांच अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया गया है।

  • 10 अंक – मल्टीपल चॉइस प्रश्न (MCQ)
  • 10 अंक – एक लॉन्ग एसे प्रश्न
  • 35 अंक – शॉर्ट आंसर प्रश्न
  • 25 अंक – क्लिनिकल केस स्टडी एवं अप्लाइड प्रश्न
  • 20 अंक – वैज्ञानिक तर्क (रीजनिंग) आधारित प्रश्न

विश्वविद्यालय का कहना है कि इस नए प्रारूप से छात्रों में केवल याद करने की प्रवृत्ति कम होगी और वे चिकित्सा विज्ञान को व्यावहारिक रूप से समझने के लिए प्रेरित होंगे।

इन छात्रों पर होगा लागू नया पैटर्न

एमपीएमएसयू के अनुसार नया परीक्षा प्रारूप वर्ष 2019 और उसके बाद के सभी CBME (Competency Based Medical Education) बैच के छात्रों पर लागू होगा। यानी केवल नए बैच ही नहीं, बल्कि पुराने CBME बैच के छात्र भी आगामी परीक्षाएं इसी पैटर्न के तहत देंगे।

सभी मेडिकल कॉलेजों को जारी हुए निर्देश

विश्वविद्यालय ने प्रदेश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों को नए परीक्षा पैटर्न को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं। डीन और प्राचार्यों को प्रश्नपत्र तैयार करने और परीक्षा संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी भेज दिए गए हैं।

मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने का दावा

विश्वविद्यालय का मानना है कि यह बदलाव मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाएगा। नए पैटर्न से छात्रों में क्लिनिकल सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, समस्या समाधान क्षमता और व्यावहारिक कौशल विकसित होंगे, जिससे भविष्य में अधिक दक्ष, जिम्मेदार और संवेदनशील चिकित्सकों का निर्माण हो सकेगा।

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