
Last updated: July 3rd, 2026 at 11:44 am
जबलपुर। मध्य प्रदेश में पहली बार सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नाजिया इलाही खान के खिलाफ पुलिस ने जीरो एफआईआर (Zero FIR) दर्ज की है। जबलपुर के हनुमानताल थाना में यह कार्रवाई पैगंबर मोहम्मद साहब पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में की गई। पुलिस के अनुसार, घटना मध्य प्रदेश की सीमा से बाहर की होने के कारण प्रकरण में जीरो एफआईआर दर्ज कर संबंधित क्षेत्र की पुलिस को भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इस कार्रवाई से पहले शहर में लगातार चार दिनों तक मुस्लिम समाज और अधिवक्ताओं द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। गुरुवार को बड़ी संख्या में वकील एसपी कार्यालय पहुंचे और मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
पैगंबर मोहम्मद साहब पर कथित टिप्पणी को लेकर जबलपुर में पिछले चार दिनों से विरोध प्रदर्शन जारी था। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि संबंधित वीडियो से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
गुरुवार को महाकौशल लॉ एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने एसपी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग रखी। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले की समीक्षा की।
विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर देर रात हनुमानताल थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया।
सीएसपी हेमंत कुमार ने एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि करते हुए बताया कि मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, चूंकि कथित घटना मध्य प्रदेश में नहीं हुई, इसलिए कानून के प्रावधानों के अनुसार जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। आगे की विवेचना के लिए मामला संबंधित अधिकार क्षेत्र की पुलिस को भेजा जाएगा।
जीरो एफआईआर ऐसी स्थिति में दर्ज की जाती है, जब किसी अपराध की सूचना उस थाने में दी जाती है जिसके क्षेत्राधिकार में घटना नहीं हुई हो। ऐसी एफआईआर दर्ज करने के बाद संबंधित थाना इसे जांच और आगे की कार्रवाई के लिए उस पुलिस स्टेशन को भेज देता है, जिसके क्षेत्र में कथित घटना हुई है।
पुलिस और शिकायतकर्ताओं के अनुसार, नाजिया इलाही खान के खिलाफ देश के अन्य राज्यों में भी विभिन्न मामलों में एफआईआर दर्ज हैं। इनमें मुंबई, भिवंडी, कल्याण, बरेली और मुरादाबाद जैसे शहर शामिल बताए गए हैं। इन मामलों में संबंधित राज्यों की पुलिस अपने-अपने स्तर पर कार्रवाई कर रही है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद महाकौशल लॉ एसोसिएशन ने इसे अपने आंदोलन की सफलता बताया। संगठन से जुड़े अधिवक्ताओं ने कहा कि कानून के अनुसार कार्रवाई होना जरूरी था। साथ ही उन्होंने मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग भी दोहराई।
इस विवाद के बीच नाजिया इलाही खान ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया है और वह कथित वीडियो को वास्तविक नहीं मानती हैं।
पुलिस ने फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित क्षेत्र की पुलिस की विवेचना के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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