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जबलपुरी मटर और सिंघाड़ा को मिला GI टैग, किसानों और शहर को मिली बड़ी पहचान

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जबलपुर के लिए गर्व की खबर सामने आई है। शहर के प्रसिद्ध जबलपुरी मटर और सिंघाड़ा को भौगोलिक संकेतक (GI)
जबलपुरी मटर और सिंघाड़ा को मिला GI टैग, किसानों और शहर को मिली बड़ी पहचान

जबलपुर के लिए गर्व की खबर सामने आई है। शहर के प्रसिद्ध जबलपुरी मटर और सिंघाड़ा को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग मिल गया है। इस उपलब्धि के साथ ही जबलपुर देश का पहला ऐसा क्षेत्र बन गया है, जहां मटर और सिंघाड़े दोनों को जीआई टैग की मान्यता प्राप्त हुई है। इससे न केवल इन उत्पादों की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान बनेगी, बल्कि स्थानीय किसानों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।

जबलपुर की मिट्टी और नर्मदा का जल बना पहचान की वजह

विशेषज्ञों के अनुसार जबलपुरी मटर और सिंघाड़े का स्वाद, गुणवत्ता और बनावट यहां की उपजाऊ मिट्टी तथा नर्मदा नदी के जलवायु और जल स्रोतों के कारण अलग मानी जाती है। यही विशिष्टता इन्हें अन्य क्षेत्रों के उत्पादों से अलग पहचान दिलाती है।

इसी विशेष गुणवत्ता को देखते हुए इन दोनों कृषि उत्पादों को GI टैग प्रदान किया गया है।

देश में पहली बार मटर और सिंघाड़े को मिला GI टैग

यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि भारत में पहली बार मटर और सिंघाड़े को जीआई टैग प्रदान किया गया है। इससे जबलपुर का नाम कृषि उत्पादों के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत होगा।

अब “जबलपुरी मटर” और “जबलपुरी सिंघाड़ा” एक प्रमाणित भौगोलिक पहचान के साथ बाजार में उपलब्ध होंगे।

किसानों को मिलेगा बेहतर दाम

GI टैग मिलने के बाद स्थानीय किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की संभावना है। प्रमाणित उत्पाद होने के कारण इनकी मांग देश-विदेश के बाजारों में बढ़ सकती है, जिससे किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कृषि आधारित उद्योगों और निर्यात को भी नई गति मिलेगी।

नकली ब्रांडिंग पर लगेगी रोक

जीआई टैग मिलने के बाद “जबलपुरी” नाम का कानूनी संरक्षण भी सुनिश्चित हो गया है। अब अन्य क्षेत्रों के उत्पादों को जबलपुरी मटर या सिंघाड़ा बताकर बेचने पर रोक लगेगी। इससे असली उत्पादों की पहचान बनी रहेगी और किसानों को उचित लाभ मिलेगा।

खाद्य प्रसंस्करण और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि जीआई टैग मिलने के बाद खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और निर्यात के क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

जबलपुर के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि

जबलपुरी मटर और सिंघाड़े को GI टैग मिलना केवल किसानों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे शहर के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे जबलपुर की कृषि विरासत को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी। आने वाले समय में यह उपलब्धि स्थानीय उत्पादों की ब्रांड वैल्यू बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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