होमट्रेंडिंगबांधवगढ़ में महिला पर हमले के बाद मरे बाघ का दोबारा पोस्टमार्टम, डुमना नेचर पार्क में अंतिम संस्कार

बांधवगढ़ में महिला पर हमले के बाद मरे बाघ का दोबारा पोस्टमार्टम, डुमना नेचर पार्क में अंतिम संस्कार

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मध्य प्रदेश के चर्चित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में महिला की मौत और कई लोगों के घायल होने के बाद मरे
Bandhavgarh बाघ मौत मामला गहराया, Jabalpur में दोबारा पोस्टमार्टम

मध्य प्रदेश के चर्चित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में महिला की मौत और कई लोगों के घायल होने के बाद मरे बाघ का मामला अब और गंभीर हो गया है। बाघ की मौत के बाद उसे जबलपुर के वेटनरी अस्पताल में दोबारा पोस्टमार्टम के लिए लाया गया।

मामले में ट्रेंकुलाइज करते समय अधिक मात्रा में दवा देने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इसी वजह से वन विभाग और विशेषज्ञों की मौजूदगी में दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया।

घर में घुसा था बाघ, महिला की हुई थी मौत

जानकारी के मुताबिक बांधवगढ़ क्षेत्र में बाघ एक घर के अंदर घुस गया था। इस दौरान उसने एक महिला पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना में कुछ अन्य लोग भी घायल बताए जा रहे हैं। (hindustantimes.com)

घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए बांधवगढ़ प्रबंधन और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।

ट्रेंकुलाइज के बाद कुछ ही देर में हुई मौत

वन विभाग की टीम ने घर के अंदर मौजूद बाघ को ट्रेंकुलाइज किया। लेकिन आरोप है कि दवा की मात्रा अधिक होने के कारण कुछ ही देर बाद बाघ की मौत हो गई।

इसी को लेकर वन्यजीव विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों के बीच सवाल उठने लगे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बाघ का दोबारा पोस्टमार्टम कराने का फैसला लिया गया।

जबलपुर वेटनरी अस्पताल में हुआ दूसरा पोस्टमार्टम

बाघ के शव को जबलपुर स्थित वेटनरी अस्पताल लाया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने विस्तृत पोस्टमार्टम किया। सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ट्रेंकुलाइज दवा और अन्य मेडिकल पहलुओं की जांच की जा रही है।

वन विभाग अब यह जानने की कोशिश कर रहा है कि:

  • क्या दवा की मात्रा तय मानकों से अधिक थी?
  • बाघ पहले से घायल या बीमार था?
  • मौत ट्रेंकुलाइज के कारण हुई या अन्य वजह से?
  • ऑपरेशन के दौरान क्या कोई तकनीकी चूक हुई?

डुमना नेचर पार्क में किया गया अंतिम संस्कार

पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद बाघ का अंतिम संस्कार जबलपुर के डुमना नेचर पार्क में किया गया। वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में निर्धारित प्रक्रिया के तहत अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। (newindianexpress.com)

इस पूरे मामले ने वन्यजीव प्रबंधन और मानव-बाघ संघर्ष को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

बढ़ रही मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं

विशेषज्ञों का कहना है कि जंगलों के आसपास मानव गतिविधियां बढ़ने और वन क्षेत्र में दखल के कारण इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कई बार बाघ भोजन या रास्ता भटककर रिहायशी इलाकों तक पहुंच जाते हैं। (wwfindia.org)

वन विभाग अब पूरे घटनाक्रम की जांच रिपोर्ट तैयार कर रहा है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए नई रणनीति पर भी चर्चा की जा रही है।

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