
Last updated: May 19th, 2026 at 06:17 pm
जबलपुर के पाटन क्षेत्र स्थित आगासौद गांव में आवारा कुत्ते के हमले से हड़कंप मच गया। घर के अंदर खेल रही तीन साल की मासूम बच्ची पर अचानक कुत्ते ने हमला कर दिया। बच्ची की चीख सुनकर मां दौड़ी, लेकिन इसी बीच कुत्ता दूसरी ढाई महीने की बच्ची को जबड़े में दबोचकर भागने लगा।
मां ने हिम्मत दिखाते हुए कुत्ते का पीछा किया और किसी तरह दोनों बच्चियों को उसके चंगुल से छुड़ाया। घटना के बाद गांव में डर और गुस्से का माहौल है।
जानकारी के अनुसार आगासौद गांव में तीन वर्षीय प्राची घर पर खेल रही थी। इसी दौरान एक आवारा कुत्ता घर में घुस आया और उसने बच्ची पर हमला कर दिया। कुत्ते ने बच्ची को बुरी तरह नोच डाला।
मासूम की चीख सुनकर उसकी मां तुरंत मौके पर पहुंची और बच्ची को बचाने की कोशिश करने लगी।
घटना के दौरान कुत्ता ढाई महीने की मासूम पूर्वी को भी जबड़े में दबोचकर भागने लगा। यह देखकर मां घबरा गई, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी।
ग्रामीणों के मुताबिक मां ने कुत्ते का पीछा किया और संघर्ष करते हुए दोनों बच्चियों को सुरक्षित छुड़ा लिया। घटना के दौरान बच्चियों को गंभीर चोटें आई हैं।
हमले में घायल दोनों बच्चियों को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है।
घटना के बाद परिवार सदमे में है। गांव के लोगों ने भी अस्पताल पहुंचकर बच्चियों का हाल जाना।
इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव और आसपास के क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नगर निगम और संबंधित विभाग सिर्फ कागजी कार्रवाई कर रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि आवारा कुत्तों के कारण अब बच्चों और महिलाओं का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है। कई बार शिकायतें करने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों को पकड़ने और बधियाकरण अभियान को गंभीरता से चलाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
घटना के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ रहा है, लेकिन नियंत्रण के दावे सिर्फ कागजों तक सीमित हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो ऐसे हादसे और बढ़ सकते हैं।
ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द विशेष अभियान चलाकर आवारा कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई करे। साथ ही प्रभावित इलाके में निगरानी बढ़ाई जाए।
फिलहाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन मामले की जानकारी जुटा रहा है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम भी बच्चियों के इलाज पर नजर बनाए हुए है।
पाटन के आगासौद गांव में हुई यह घटना आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे की गंभीर तस्वीर पेश करती है। मां की बहादुरी से दोनों बच्चियों की जान बच गई, लेकिन घटना ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है। अब लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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