
Last updated: May 19th, 2026 at 04:56 pm
बरगी बांध में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद मध्यप्रदेश शासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हादसे की न्यायिक जांच के लिए हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया है। राज्य शासन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह आयोग दुर्घटना के कारणों की जांच करेगा और जिम्मेदार व्यक्तियों एवं व्यवस्थागत खामियों का निर्धारण करेगा।
राज्य सरकार द्वारा गठित आयोग बरगी बांध क्रूज दुर्घटना के कारणों और परिस्थितियों की विस्तृत जांच करेगा। आयोग यह भी देखेगा कि दुर्घटना के दौरान और उसके बाद बचाव एवं राहत कार्य कितने प्रभावी रहे और क्या सुरक्षा उपाय पर्याप्त थे।
इसके साथ ही हादसे में प्रशासनिक, तकनीकी या संचालन स्तर पर हुई किसी भी प्रकार की लापरवाही का परीक्षण भी किया जाएगा।
अधिसूचना के अनुसार आयोग केवल इस दुर्घटना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे राज्य में संचालित नौकाओं, क्रूज और जल क्रीड़ा गतिविधियों का व्यापक ऑडिट भी करेगा।
आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि सभी जलयान इनलैंड वेसल्स एक्ट 2021 और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की बोट सेफ्टी गाइडलाइंस 2017 के अनुरूप प्रमाणित और सुरक्षित हों।
राज्य शासन ने आयोग को यह जिम्मेदारी भी सौंपी है कि वह प्रदेश में संचालित क्रूज, नौकाओं और जल क्रीड़ा गतिविधियों के संचालन एवं रखरखाव के लिए एक समान मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करे।
इसका उद्देश्य भविष्य में सुरक्षा मानकों को मजबूत करना और जल परिवहन गतिविधियों को अधिक व्यवस्थित एवं सुरक्षित बनाना है।
आयोग उन सभी स्थानों की भी समीक्षा करेगा जहां नागरिक जल परिवहन, नौका संचालन, क्रूज या जल क्रीड़ा गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
इन क्षेत्रों में आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल (Quick Response Team) के गठन और उनकी कार्यप्रणाली को लेकर भी सुझाव दिए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली किसी भी जल हादसे में जनहानि कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
राज्य शासन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, आयोग को मध्यप्रदेश राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित होने की तारीख से तीन माह के भीतर अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को सौंपनी होगी।
यह अधिसूचना सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव दिनेश कुमार मौर्य द्वारा राज्यपाल के आदेशानुसार जारी की गई है।
बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। इस दुर्घटना में कई लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद सुरक्षा मानकों, प्रशासनिक निगरानी और जल परिवहन व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे।
अब न्यायिक जांच आयोग के गठन को सरकार द्वारा जवाबदेही तय करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बरगी डेम क्रूज हादसे की न्यायिक जांच के लिए गठित आयोग केवल दुर्घटना की वजहों का पता लगाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे प्रदेश की जल सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी करेगा। आयोग की रिपोर्ट भविष्य में जल परिवहन और पर्यटन गतिविधियों के लिए नई सुरक्षा नीतियों और मानकों का आधार बन सकती है। अब सभी की नजर इस जांच पर टिकी है कि हादसे की असली वजहें क्या सामने आती हैं और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।
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