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शहपुरा टोल नाके पर अस्थाई बंदी के बावजूद वसूली का आरोप, वीडियो सामने आया

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जबलपुर। शहपुरा टोल नाके को अस्थाई रूप से बंद किए जाने के आदेश के बावजूद वाहनों से टोल वसूली किए
शहपुरा टोल नाके पर बंदी के बावजूद वसूली का आरोप

जबलपुर। शहपुरा टोल नाके को अस्थाई रूप से बंद किए जाने के आदेश के बावजूद वाहनों से टोल वसूली किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें टोल नाके पर वाहनों से वसूली किए जाने का दावा किया जा रहा है।

मामला सामने आने के बाद टोल व्यवस्था और संबंधित आदेशों के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि और उसमें दिखाई दे रही गतिविधि की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

पुल टूटने के बाद किया गया था मार्ग डायवर्ट

जानकारी के अनुसार, मार्ग पर पुल टूटने के कारण यातायात व्यवस्था को डायवर्ट किया गया था। इसके बाद शहपुरा टोल नाके को अस्थाई रूप से बंद किए जाने की बात सामने आई थी।

बीती दोपहर भोपाल में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किए जाने का उल्लेख किया गया है। आदेश के बाद भी टोल वसूली का वीडियो सामने आने से मामले ने तूल पकड़ लिया है।

मंच से दिए बयान के बाद भी वसूली का आरोप

मामले को लेकर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के मंच से दिए गए बयान का भी हवाला दिया जा रहा है। इसके बावजूद शहपुरा टोल नाके पर वाहनों से वसूली जारी रहने का आरोप लगाया गया है।

यदि संबंधित आदेश के तहत टोल वसूली अस्थाई रूप से रोकी गई थी, तो उसके बावजूद वसूली किए जाने की शिकायत की जांच का विषय बनती है। फिलहाल सामने आए वीडियो के आधार पर लगाए जा रहे आरोपों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

आदेशों के पालन पर उठे सवाल

शहपुरा टोल नाके का मामला सामने आने के बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आदेशों के पालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर लोग यह जानना चाह रहे हैं कि यदि टोल संचालन पर रोक के निर्देश दिए गए थे, तो उसके बावजूद वाहनों से वसूली किस आधार पर की जा रही थी।

अब पूरे मामले में संबंधित विभाग और टोल संचालन से जुड़े अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। साथ ही वीडियो की जांच के बाद यह भी स्पष्ट होगा कि उसमें दिखाई जा रही वसूली कब और किन परिस्थितियों में हुई।

वीडियो के आधार पर जांच की जरूरत

फिलहाल इस मामले का प्रमुख आधार सामने आया वीडियो और उससे जुड़े दावे हैं। इसलिए वसूली की वास्तविक स्थिति, आदेश की प्रभावी तारीख और उसके पालन को लेकर संबंधित विभाग की जांच महत्वपूर्ण होगी।

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