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जबलपुर जिला न्यायालय में फर्जी वकीलों और छात्रों की चेकिंग, नियम उल्लंघन पर दी चेतावनी

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जबलपुर। जिला न्यायालय परिसर में फर्जी अधिवक्ताओं और न्यायालय परिसर में नियमों का उल्लंघन करने वाले छात्रों व अन्य गैर-अधिवक्ताओं
जबलपुर कोर्ट में फर्जी वकीलों और छात्रों की चेकिंग

जबलपुर। जिला न्यायालय परिसर में फर्जी अधिवक्ताओं और न्यायालय परिसर में नियमों का उल्लंघन करने वाले छात्रों व अन्य गैर-अधिवक्ताओं की जांच के लिए अधिवक्ता संघ द्वारा चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान न्यायालय परिसर में वकील की पोशाक पहनकर घूमने वाले विधि छात्रों और अन्य लोगों की जांच की गई।

बिना अनुमति वकील की पोशाक पहनने वालों की जांच

अधिवक्ता संघ की ओर से चलाए गए अभियान के दौरान खास तौर पर उन लोगों की जांच की गई, जो अधिवक्ता नहीं हैं, लेकिन न्यायालय परिसर में वकील की पोशाक में नजर आते हैं। इसमें प्रथम वर्ष के विधि छात्रों के साथ अन्य गैर-अधिवक्ताओं को भी जांच के दायरे में रखा गया।

चेकिंग के दौरान एक छात्र को बिना टाई और निर्धारित ड्रेस संबंधी नियमों का पालन नहीं करने की स्थिति में पकड़ा गया। छात्र को समझाइश देते हुए भविष्य में न्यायालय परिसर में निर्धारित नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई।

वाहनों पर एडवोकेट लोगो लगाने का भी मुद्दा

अधिवक्ता संघ के कार्यकारिणी सदस्य प्रशांत नायक और अधिवक्ता ज्ञानेन्द्र तिवारी ने बताया कि न्यायालय परिसर में ऐसे लोगों की मौजूदगी की जानकारी सामने आती रही है, जो अधिवक्ता नहीं हैं, लेकिन अपने वाहनों पर एडवोकेट का लोगो लगाकर घूमते हैं।

अधिवक्ताओं के अनुसार, इस तरह की गतिविधियों से पक्षकारों के गुमराह होने की आशंका रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए न्यायालय परिसर में इस प्रकार की गतिविधियों पर नजर रखने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए चेकिंग अभियान चलाया गया।

नियमों के उल्लंघन पर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी

अधिवक्ता संघ की ओर से स्पष्ट किया गया कि न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं से जुड़े नियमों और निर्धारित ड्रेस कोड का पालन जरूरी है। गैर-अधिवक्ताओं द्वारा अधिवक्ता के रूप में पहचान प्रस्तुत करने या पक्षकारों को गुमराह करने जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए निगरानी जारी रखी जाएगी।

अधिवक्ताओं ने कहा कि फिलहाल कुछ मामलों में समझाइश देकर चेतावनी दी जा रही है। यदि इसके बावजूद संबंधित व्यक्ति ऐसी गतिविधियां जारी रखते हैं, तो उनके खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

न्यायालय परिसर में पारदर्शी व्यवस्था पर जोर

अधिवक्ता संघ के मुताबिक, इस अभियान का उद्देश्य न्यायालय परिसर में अनधिकृत रूप से अधिवक्ता की पहचान का इस्तेमाल करने वालों पर रोक लगाना और पक्षकारों को सही जानकारी उपलब्ध कराना है। साथ ही न्यायालय परिसर में अनुशासन और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।

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