
जबलपुर। बारिश का मौसम शुरू होते ही किसानों के सामने खाद की उपलब्धता और वितरण को लेकर परेशानी बढ़ गई है। जिले के अलग-अलग खाद वितरण केंद्रों पर किसान सुबह से ही लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद कई बार उन्हें खाद नहीं मिल पाती, जिसके चलते उन्हें खाली हाथ वापस लौटना पड़ता है।
बारिश के बीच किसान खेती के जरूरी काम निपटाने के लिए खाद लेने वितरण केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। कई केंद्रों पर सुबह से ही किसानों की लंबी कतारें लग रही हैं। किसान घंटों इंतजार करने के बाद अपनी बारी आने का इंतजार करते हैं।
किसानों का कहना है कि खाद समय पर नहीं मिलने से खेती से जुड़े अन्य जरूरी काम भी प्रभावित हो रहे हैं।
किसानों के मुताबिक कुछ स्थानों पर खाद उपलब्ध होने के बावजूद वितरण व्यवस्था को लेकर समस्या बनी हुई है। किसानों को खाद मिलने की प्रक्रिया में लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
कई किसानों का कहना है कि एक बार लाइन में लगने के बाद यदि उनकी बारी तक खाद खत्म हो जाती है, तो उन्हें दोबारा अगले दिन सुबह आकर कतार में लगना पड़ता है।
बारिश के मौसम में खेती के लिए समय काफी महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में खाद लेने के लिए पूरा दिन कतार में बिताने से किसानों के दूसरे कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
किसानों का कहना है कि उन्हें खेतों में काम करने के साथ खाद की व्यवस्था के लिए भी समय निकालना पड़ रहा है। यदि समय पर खाद नहीं मिली तो इसका असर फसल की तैयारी पर भी पड़ सकता है।
किसानों ने प्रशासन से खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है। इसके साथ ही वितरण केंद्रों पर ऐसी व्यवस्था करने की मांग की गई है, जिससे किसानों को घंटों कतार में खड़ा न रहना पड़े।
किसानों का कहना है कि यदि खाद की उपलब्धता और वितरण की उचित व्यवस्था हो जाए तो उन्हें बार-बार वितरण केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और खेती का काम भी प्रभावित नहीं होगा।
बारिश के मौसम में खाद की मांग बढ़ने के कारण वितरण केंद्रों पर दबाव बढ़ना स्वाभाविक है। ऐसे में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन और संबंधित विभाग को वितरण व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
अब किसानों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन उनकी परेशानी को देखते हुए खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था में क्या सुधार करता है।
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