होमUncategorizedजबलपुर में कमजोर पड़ा मानसून, 56 दिनों में सिर्फ साढ़े 10 इंच बारिश; किसानों की बढ़ी चिंता

जबलपुर में कमजोर पड़ा मानसून, 56 दिनों में सिर्फ साढ़े 10 इंच बारिश; किसानों की बढ़ी चिंता

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जबलपुर में इस वर्ष मानसून उम्मीद के मुताबिक सक्रिय नहीं हो पाया है। मानसून सीजन शुरू होने के बाद बीते
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जबलपुर में इस वर्ष मानसून उम्मीद के मुताबिक सक्रिय नहीं हो पाया है। मानसून सीजन शुरू होने के बाद बीते 56 दिनों में शहर में केवल करीब 10.5 इंच (लगभग 267 मिमी) वर्षा दर्ज की गई है। यह आंकड़ा पिछले तीन वर्षों की तुलना में करीब 16 इंच कम है। लगातार कम बारिश का असर अब मौसम, जल स्रोतों और कृषि पर साफ दिखाई देने लगा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो खरीफ फसलों, विशेषकर धान की खेती पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। वहीं मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों में अच्छी वर्षा की संभावना जताई है, जिससे राहत मिलने की उम्मीद है।

सामान्य से 4 डिग्री अधिक तापमान, उमस से लोग परेशान

बारिश की कमी का असर शहर के मौसम पर भी देखने को मिल रहा है। जबलपुर का अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 4 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है। तेज धूप, उमस और गर्म हवाओं के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश नहीं होने से वातावरण में नमी तो बनी हुई है, लेकिन बादल छाने के बावजूद पर्याप्त वर्षा नहीं हो रही, जिससे उमस लगातार बढ़ रही है।

धान की फसल पर मंडराया संकट

कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनीष भान के अनुसार, कम बारिश का सबसे अधिक असर धान की खड़ी फसल पर पड़ सकता है। खेतों में पर्याप्त नमी नहीं होने से पौधों की बढ़वार प्रभावित हो रही है। यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो उत्पादन में गिरावट आने की आशंका है। किसानों की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि खरीफ सीजन की अधिकांश फसलें मानसूनी बारिश पर निर्भर रहती हैं। कमजोर मानसून का असर जलाशयों और भूजल स्तर पर भी पड़ सकता है।

अगले तीन दिनों में अच्छी बारिश की उम्मीद

हालांकि मौसम विभाग ने राहत की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में मौसम प्रणाली सक्रिय होने से मध्य प्रदेश के कई हिस्सों सहित जबलपुर में अगले तीन दिनों के दौरान अच्छी बारिश हो सकती है। यदि पूर्वानुमान सही साबित होता है तो इससे किसानों को राहत मिलेगी और तापमान में भी गिरावट आने की संभावना है।

वर्षा जल संचयन की अपील

मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि आगामी बारिश के दौरान अधिक से अधिक रेन वाटर हार्वेस्टिंग करें, ताकि वर्षा जल का बेहतर उपयोग हो सके। साथ ही लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने, तेज बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन भविष्य में जल संकट से निपटने के लिए बेहद महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।

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