
Last updated: July 17th, 2026 at 04:19 pm
मध्यप्रदेश शासन द्वारा चलाए जा रहे “नशे से दूरी, है जरूरी” 15 दिवसीय नशा मुक्ति जनजागरण अभियान के तहत गुरुवार को रांझी स्थित रावण पार्क में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक जबलपुर सम्पत उपाध्याय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने उपस्थित लोगों को नशामुक्त समाज की शपथ दिलाई। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करें।
एसपी ने कहा कि नशे की लत न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि इसका असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। युवाओं को नशे से दूर रखना इस अभियान की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
जागरूकता कार्यक्रम में नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि नशे की शुरुआत अक्सर छोटी आदत से होती है, लेकिन धीरे-धीरे यह गंभीर लत का रूप ले सकती है।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं से अपील की गई कि वे नशे के बजाय खेल, शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ें। साथ ही परिवार के सदस्यों से भी अपील की गई कि वे बच्चों और युवाओं की गतिविधियों पर ध्यान दें और किसी भी तरह के बदलाव को नजरअंदाज न करें।
पुलिस और प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे इस 15 दिवसीय अभियान के तहत जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को नशे के खिलाफ एकजुट करने का प्रयास किया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। परिवार, समाज और युवाओं की भागीदारी से ही नशामुक्त समाज का निर्माण संभव है।
रांझी के रावण पार्क में आयोजित कार्यक्रम के दौरान लोगों ने नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।
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