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‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान का शुभारंभ, 30 जुलाई तक चलेंगे जागरूकता कार्यक्रम

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मध्य प्रदेश पुलिस और सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 15 दिवसीय जनजागरूकता अभियान ‘नशे से
‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान शुरू, 30 जुलाई तक जागरूकता

मध्य प्रदेश पुलिस और सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 15 दिवसीय जनजागरूकता अभियान ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ का शुभारंभ जबलपुर के भंवरताल गार्डन स्थित संस्कृति थिएटर में किया गया। यह अभियान 15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा। अभियान का उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए जनभागीदारी बढ़ाना है।

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर आईजी प्रमोद वर्मा, डीआईजी अतुल सिंह, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. जितेंद्र जामदार, ब्रह्मकुमारी वर्षा बहन, आईएमए की डॉ. ऋचा शर्मा सहित पुलिस, प्रशासन और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। अभियान के दौरान विभिन्न विभागों और संस्थाओं के सहयोग से जिलेभर में कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर

आईजी प्रमोद वर्मा ने कहा कि पिछले वर्ष चलाए गए नशा मुक्ति अभियान को जनसहयोग से अच्छी सफलता मिली थी। उन्होंने युवाओं से खेल, प्रकृति, संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। कार्यक्रम में हेल्पलाइन नंबर 14446, 14441 और 1933 की जानकारी भी साझा की गई ताकि जरूरतमंद लोग समय पर सहायता प्राप्त कर सकें।

नशे के अवैध कारोबार की सूचना देने की अपील

डीआईजी अतुल सिंह ने युवाओं से नशे से दूर रहने और किसी भी प्रकार के अवैध नशा कारोबार की जानकारी तुरंत पुलिस तक पहुंचाने का आग्रह किया। वहीं कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने नशे को सामाजिक अभिशाप बताते हुए कहा कि यह परिवारों की आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक प्रगति को प्रभावित करता है। उन्होंने स्कूलों और कॉलेजों के आसपास तंबाकू तथा अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

पुलिस अधीक्षक ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने कहा कि नशा व्यक्ति की सोचने-समझने और सही निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित करता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं भी नशे के कारोबार या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा तस्करी और अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

नुक्कड़ नाटक, रैली और प्रतियोगिताओं से होगा जागरूकता प्रसार

अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक स्थलों और बाजारों में जागरूकता रैलियां, नुक्कड़ नाटक, पोस्टर प्रतियोगिता, निबंध लेखन, शॉर्ट फिल्म प्रदर्शन और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा सोशल मीडिया के माध्यम से भी नशा मुक्ति का संदेश लोगों तक पहुंचाया जाएगा। अभियान के समापन पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया जाएगा।

नशा मुक्त समाज बनाने की दिलाई शपथ

कार्यक्रम में डॉ. जितेंद्र जामदार ने नशे के दुष्प्रभावों और उससे जुड़ी सामाजिक चुनौतियों पर प्रकाश डाला। ब्रह्मकुमारी वर्षा बहन ने राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से नशा मुक्ति का संदेश दिया, जबकि डॉ. ऋचा शर्मा ने युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी। कार्यक्रम के अंत में आईजी प्रमोद वर्मा ने उपस्थित लोगों को नशा मुक्त समाज के निर्माण की शपथ दिलाई और अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

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