होमjabalpurICU की सफाई के बहाने बाहर भेजा, लौटे तो मरीज वेंटिलेटर पर मिला; जबलपुर हॉस्पिटल पर परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

ICU की सफाई के बहाने बाहर भेजा, लौटे तो मरीज वेंटिलेटर पर मिला; जबलपुर हॉस्पिटल पर परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

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जबलपुर के नेपियर टाउन स्थित जबलपुर हॉस्पिटल एक बार फिर विवादों में आ गया है। इस बार मरीज के परिजनों
Jabalpur Hospital पर लापरवाही के आरोप, ICU से लौटे तो मरीज Ventilator पर

जबलपुर के नेपियर टाउन स्थित जबलपुर हॉस्पिटल एक बार फिर विवादों में आ गया है। इस बार मरीज के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में गंभीर लापरवाही और पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि उन्हें आईसीयू की सफाई का हवाला देकर करीब 10 मिनट के लिए बाहर भेज दिया गया, लेकिन जब वे वापस लौटे तो मरीज ज्ञानचंद सोनकर को वेंटिलेटर पर रखा जा चुका था। उनका कहना है कि इससे पहले मरीज सामान्य रूप से बातचीत कर रहा था और डॉक्टरों ने उसकी जांच रिपोर्ट भी सामान्य बताई थी। फिलहाल मरीज की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि पूरे मामले को लेकर अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ।

ICU से बाहर भेजने के बाद बदली मरीज की हालत

परिजनों के मुताबिक, मरीज का इलाज अस्पताल के आईसीयू में चल रहा था। अस्पताल स्टाफ ने सफाई का हवाला देते हुए कुछ समय के लिए उन्हें बाहर जाने को कहा। करीब 10 मिनट बाद जब परिजन वापस अंदर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि मरीज को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। इस अचानक हुए बदलाव को लेकर परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन से सवाल किए, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

कुछ देर बाद बताया गया कार्डियक अरेस्ट

परिजनों का आरोप है कि वेंटिलेटर पर रखने के कुछ समय बाद अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें बताया कि मरीज को कार्डियक अरेस्ट आया है। उनका कहना है कि यदि मरीज की हालत पहले से गंभीर थी तो इसकी जानकारी समय रहते क्यों नहीं दी गई। वहीं, कुछ ही देर पहले तक मरीज के सामान्य होने की बात कही जा रही थी, जिससे परिवार के लोगों के मन में इलाज की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

अस्पताल परिसर में हंगामा, जांच की मांग

घटना की जानकारी मिलते ही मरीज के परिजन और अन्य रिश्तेदार अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल परिसर में काफी देर तक हंगामा होता रहा। परिजनों ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए आईसीयू के सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल रिकॉर्ड और उपचार से जुड़े सभी दस्तावेज सुरक्षित रखने की मांग की है। उनका कहना है कि मामले की स्वतंत्र जांच होने से ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।

अस्पताल प्रबंधन का पक्ष नहीं आया सामने

समाचार लिखे जाने तक अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। अस्पताल प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर

फिलहाल मरीज की हालत गंभीर बनी हुई है। मामले को लेकर परिजनों ने संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि

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