होमjabalpurगूगल पर डॉक्टर का नंबर सर्च करना पड़ा भारी, रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करते ही खाते से उड़ गए 5 लाख रुपये

गूगल पर डॉक्टर का नंबर सर्च करना पड़ा भारी, रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करते ही खाते से उड़ गए 5 लाख रुपये

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जबलपुर में साइबर ठगों ने एक बार फिर ऑनलाइन सर्च का सहारा लेकर बड़ी ठगी की वारदात को अंजाम दिया
गूगल पर डॉक्टर का नंबर सर्च करना पड़ा भारी,

जबलपुर में साइबर ठगों ने एक बार फिर ऑनलाइन सर्च का सहारा लेकर बड़ी ठगी की वारदात को अंजाम दिया है। इस बार हाथीताल निवासी राकेश कुमार गुप्ता साइबर अपराधियों का शिकार बन गए। स्किन संबंधी इलाज के लिए गूगल पर डॉक्टर का मोबाइल नंबर सर्च करना उन्हें भारी पड़ गया। सर्च के दौरान मिले नंबर पर संपर्क करने के बाद ठगों ने रजिस्ट्रेशन के नाम पर एक लिंक भेजी और उसी के जरिए उनके बैंक खाते से करीब 5 लाख रुपये निकाल लिए। मामले में गोरखपुर थाना पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

स्किन स्पेशलिस्ट का नंबर खोज रहे थे पीड़ित

जानकारी के अनुसार राकेश कुमार गुप्ता त्वचा संबंधी समस्या के इलाज के लिए किसी डॉक्टर का संपर्क नंबर गूगल पर खोज रहे थे। सर्च के दौरान उन्हें एक मोबाइल नंबर मिला, जिसे उन्होंने संबंधित डॉक्टर का नंबर समझकर कॉल किया। फोन रिसीव करने वाले व्यक्ति ने खुद को क्लीनिक से जुड़ा कर्मचारी बताया और डॉक्टर से अपॉइंटमेंट दिलाने का भरोसा दिया।

रजिस्ट्रेशन के नाम पर भेजी फर्जी लिंक

बातचीत के दौरान आरोपी ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने की बात कहते हुए पीड़ित के मोबाइल पर एक लिंक भेजी। लिंक खोलने के बाद उनसे कुछ जानकारी भरने और प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया। जैसे ही पीड़ित ने निर्देशों का पालन किया, साइबर ठगों को उनके मोबाइल और बैंकिंग संबंधी जानकारी तक पहुंच मिल गई। कुछ ही देर में उनके खाते से अलग-अलग ट्रांजैक्शन के माध्यम से करीब 5 लाख रुपये निकाल लिए गए।

बैंक खाते से रकम कटने पर हुआ ठगी का अहसास

मोबाइल पर लगातार बैंक ट्रांजैक्शन के मैसेज आने के बाद राकेश कुमार गुप्ता को ठगी का पता चला। उन्होंने तुरंत संबंधित बैंक से संपर्क कर खाते को ब्लॉक कराया और इसके बाद गोरखपुर थाना पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर साइबर अपराध का मामला दर्ज कर अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

पुलिस ने लोगों को किया सतर्क

पुलिस का कहना है कि आजकल साइबर ठग गूगल सर्च, फर्जी बिजनेस प्रोफाइल और नकली मोबाइल नंबरों के माध्यम से लोगों को निशाना बना रहे हैं। कई बार असली अस्पताल, डॉक्टर या संस्थान के नाम से फर्जी नंबर इंटरनेट पर डाल दिए जाते हैं, जिन पर कॉल करने वाले लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी डॉक्टर, अस्पताल या संस्था का नंबर केवल उसकी आधिकारिक वेबसाइट या सत्यापित स्रोत से ही प्राप्त करें। किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई लिंक पर क्लिक न करें और न ही बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी साझा करें।

साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत

विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी के साथ ऑनलाइन वित्तीय ठगी होती है तो बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए या राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर ऑनलाइन रिपोर्ट करनी चाहिए। समय रहते शिकायत करने पर कई मामलों में लेनदेन को रोकने या रकम रिकवर करने की संभावना बढ़ जाती है। फिलहाल गोरखपुर थाना पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच कर साइबर ठगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

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