
जबलपुर पुलिस ने सीईआईआर (Central Equipment Identity Register-CEIR) पोर्टल की मदद से बड़ी सफलता हासिल करते हुए 139 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिए। बरामद मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत करीब 25 लाख रुपये बताई गई है। लंबे समय से अपने मोबाइल मिलने की उम्मीद छोड़ चुके लोगों के चेहरे पर फोन वापस मिलने के बाद खुशी साफ दिखाई दी। इस पहल को साइबर अपराधों पर नियंत्रण और आम नागरिकों को राहत पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध) जितेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस की साइबर टीम ने CEIR पोर्टल के माध्यम से गुम मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेस कर उन्हें अलग-अलग स्थानों से बरामद किया। इसके बाद आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गुम मोबाइल की जानकारी समय पर पोर्टल पर दर्ज होने से उन्हें ट्रैक करना काफी आसान हो जाता है और बरामदगी की संभावना भी बढ़ जाती है।
मोबाइल वापस मिलने के बाद कई लोगों ने जबलपुर पुलिस का आभार व्यक्त किया। कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका गुम हुआ फोन दोबारा मिल पाएगा, लेकिन पुलिस की सक्रिय कार्रवाई के कारण उन्हें उनका मोबाइल वापस मिल गया।
पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह के अभियान लगातार चलाए जाएंगे, ताकि गुम हुए मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाए जा सकें।
पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने नागरिकों से अपील की कि यदि किसी का मोबाइल फोन गुम हो जाए तो सबसे पहले संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराएं और CEIR पोर्टल पर भी पंजीकरण कराएं। इससे मोबाइल को ब्लॉक करने और ट्रेस करने में पुलिस को मदद मिलती है।
उन्होंने लोगों से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की भी अपील की। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी, संदिग्ध कॉल, लिंक या डिजिटल फ्रॉड की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या जबलपुर साइबर हेल्पलाइन 7701050010 पर सूचना देने को कहा गया।
जबलपुर पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी अनजान व्यक्ति या सोशल मीडिया ग्रुप की निवेश संबंधी सलाह पर भरोसा न करें। व्हाट्सएप या अन्य माध्यमों से प्राप्त किसी भी संदिग्ध .apk फाइल को डाउनलोड न करें और बैंक खाता, ओटीपी, यूपीआई पिन या अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
पुलिस ने बताया कि साइबर ठग अक्सर नौकरी, निवेश, गेमिंग, लॉटरी या अधिक मुनाफे का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाने का प्रयास करते हैं। ऐसे मामलों में थोड़ी सी सावधानी बड़ी आर्थिक हानि से बचा सकती है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों के तरीके भी लगातार बदल रहे हैं। इसलिए जागरूक रहना और समय रहते शिकायत दर्ज कराना बेहद जरूरी है। जबलपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, संदिग्ध गतिविधियों की तुरं
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