होमट्रेंडिंगजबलपुर में 25 लाख की धोखाधड़ी: गिरवी प्लॉट बेचकर खरीदार को लगाया चूना

जबलपुर में 25 लाख की धोखाधड़ी: गिरवी प्लॉट बेचकर खरीदार को लगाया चूना

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जबलपुर के गोहलपुर थाना क्षेत्र में जमीन से जुड़ी एक बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जहां एक किसान
25 लाख की Land Fraud, Gohalpur में किसान से प्लॉट के नाम पर ठगी

जबलपुर के गोहलपुर थाना क्षेत्र में जमीन से जुड़ी एक बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जहां एक किसान को प्लॉट बेचने के नाम पर करीब 25 लाख रुपए की ठगी कर ली गई। मामले में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

खरीदार को बिना जानकारी दिए बेचा गया गिरवी प्लॉट

पीड़ित निर्मल राठौर, निवासी वंदना नगर (गोहलपुर), ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने एक प्लॉट करीब 25 लाख रुपए में खरीदा था। खरीद के दौरान उन्हें यह जानकारी नहीं दी गई कि संबंधित प्लॉट पहले से ही एक निजी फाइनेंस कंपनी के पास गिरवी रखा हुआ है

निर्मल राठौर का आरोप है कि प्लॉट बेचने वाले आरोपियों ने जानबूझकर यह महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई और उन्हें धोखे में रखकर सौदा कर लिया।

तहसीलदार की जांच में खुली सच्चाई

मामले का खुलासा उस समय हुआ जब किसी प्रक्रिया के तहत तहसीलदार मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान सामने आया कि जिस प्लॉट को निर्मल राठौर ने खरीदा है, वह पहले से ही लोन के बदले गिरवी रखा गया था।

इस खुलासे के बाद पीड़ित को अपनी ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस का सहारा लिया।

तीन आरोपियों पर साजिश का आरोप

शिकायत में पीड़ित ने शैलेष राठौर, मोहम्मद जफर और सहान उस्मानी को नामजद आरोपी बनाया है।

आरोप है कि तीनों ने मिलकर सुनियोजित तरीके से यह साजिश रची और गिरवी प्लॉट को बेचकर बड़ी रकम हड़प ली।

पीड़ित का कहना है कि यदि समय रहते यह जानकारी सामने नहीं आती, तो उन्हें और भी बड़ी आर्थिक हानि हो सकती थी।

पुलिस ने दर्ज किया मामला, तलाश जारी

गोहलपुर थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुट गई है और यह भी जांच की जा रही है कि कहीं आरोपियों ने इस तरह की और घटनाओं को अंजाम तो नहीं दिया है।

जमीन खरीदते समय बरतें सावधानी

यह मामला एक बार फिर यह दर्शाता है कि जमीन या प्लॉट खरीदते समय पूरी जांच-पड़ताल करना कितना जरूरी है।

  • प्लॉट के दस्तावेजों की वैधानिक जांच
  • बैंक या फाइनेंस कंपनी से लोन की स्थिति की पुष्टि
  • रजिस्ट्री से पहले राजस्व रिकॉर्ड की जांच

जैसी सावधानियां अपनाकर इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सकता है।

जांच के बाद सामने आ सकते हैं और खुलासे

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि पूछताछ और दस्तावेजों की पड़ताल के बाद इस धोखाधड़ी से जुड़े और तथ्य सामने आ सकते हैं।

अब देखना होगा कि पुलिस कब तक आरोपियों को गिरफ्तार कर पीड़ित को न्याय दिला पाती है।

 

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