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जबलपुर में किसान से Cyber fraud: मोबाइल चोरी के बाद खाते से उड़े 3 लाख रुपये

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जबलपुर में चोरी और साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक किसान को बड़ा आर्थिक नुकसान
मोबाइल चोरी के बाद किसान के खाते से 3 लाख उड़ाए, Jabalpur में Cyber Fraud

जबलपुर में चोरी और साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक किसान को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। शारदा नगर रिछाई निवासी किसान बेनी प्रसाद यादव का पहले मोबाइल फोन चोरी हुआ और उसके बाद उसी मोबाइल का इस्तेमाल कर उनके बैंक खाते से करीब 3 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर लिए गए।

यह घटना न सिर्फ चौंकाने वाली है, बल्कि यह भी बताती है कि मोबाइल चोरी अब सीधे आर्थिक अपराध से जुड़ती जा रही है।

बाजार में खरीदारी के दौरान दिया वारदात को अंजाम

मिली जानकारी के अनुसार, बेनी प्रसाद यादव रोजमर्रा की जरूरत का सामान खरीदने बाजार गए हुए थे। इसी दौरान भीड़भाड़ का फायदा उठाकर अज्ञात चोर ने उनका मोबाइल फोन पार कर दिया।

शुरुआत में किसान को केवल मोबाइल चोरी होने का ही अंदेशा था और उन्होंने इसे एक सामान्य चोरी की घटना समझा। लेकिन उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह चोरी आगे चलकर एक बड़े साइबर फ्रॉड में बदल जाएगी।

मोबाइल के जरिए बैंक खाते तक पहुंचा आरोपी

मोबाइल चोरी होने के बाद आरोपी ने फोन में मौजूद जानकारी का फायदा उठाया।

  • संभवतः मोबाइल में बैंकिंग ऐप पहले से लॉगिन था
  • या फिर आरोपी ने OTP और अन्य डिटेल्स का उपयोग किया
  • इसके जरिए खाते से कई बार में पैसे ट्रांसफर किए गए

इस तरह आरोपी ने करीब 3 लाख रुपये किसान के खाते से अपने या किसी अन्य खाते में ट्रांसफर कर लिए। यह पूरा ट्रांजेक्शन ऑनलाइन माध्यम से किया गया, जिससे शुरुआती समय में किसी को शक नहीं हुआ।

नई सिम लेने के बाद सामने आई सच्चाई

मोबाइल चोरी होने के बाद किसान ने कुछ समय बाद नई सिम निकलवाई, ताकि अपना नंबर फिर से चालू कर सकें।

जैसे ही नंबर एक्टिव हुआ, उन्हें बैंक से जुड़े मैसेज मिलने लगे, जिसमें खाते से पैसे निकलने की जानकारी थी। लगातार ट्रांजेक्शन के मैसेज देखकर किसान के होश उड़ गए।

तभी उन्हें समझ आया कि मोबाइल चोरी के बाद उनके साथ बड़ी साइबर ठगी हो चुकी है।

थाने पहुंचकर दर्ज कराई शिकायत

घटना का पता चलते ही बेनी प्रसाद यादव ने तुरंत बरेला थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। साथ ही साइबर एंगल को ध्यान में रखते हुए ट्रांजेक्शन की डिटेल्स भी खंगाली जा रही हैं।

पुलिस कर रही जांच, खाते और लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश

पुलिस अब कई पहलुओं पर जांच कर रही है:

  • ट्रांसफर की गई रकम किन बैंक खातों में गई
  • उन खातों का मालिक कौन है
  • मोबाइल का आखिरी लोकेशन क्या था
  • और क्या इसमें कोई साइबर गैंग शामिल है

इसके अलावा, जरूरत पड़ने पर साइबर सेल की मदद भी ली जा रही है ताकि आरोपी तक जल्दी पहुंचा जा सके।

बढ़ते साइबर अपराधों से बढ़ी चिंता

इस तरह की घटनाएं अब तेजी से बढ़ रही हैं, जहां मोबाइल चोरी के बाद सीधे बैंक खातों को निशाना बनाया जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, मोबाइल में बैंकिंग ऐप, UPI और OTP जैसी संवेदनशील जानकारी होने के कारण यह अपराधियों के लिए आसान टारगेट बन जाता है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी भारी नुकसान का कारण बन सकती है।

लोगों के लिए जरूरी सावधानियां

इस घटना के बाद यह जरूरी हो जाता है कि लोग सतर्क रहें:

  • मोबाइल में बैंकिंग ऐप्स को सुरक्षित रखें
  • स्क्रीन लॉक और ऐप लॉक का इस्तेमाल करें
  • मोबाइल चोरी होते ही तुरंत सिम और बैंक सेवाएं ब्लॉक कराएं
  • किसी भी संदिग्ध ट्रांजेक्शन पर तुरंत बैंक और पुलिस को सूचना दें

यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति की ठगी नहीं, बल्कि एक बड़ा संकेत है कि डिजिटल दौर में सुरक्षा को नजरअंदाज करना कितना खतरनाक साबित हो सकता है।

 

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