
Last updated: May 30th, 2026 at 03:28 pm
जबलपुर जिले के मझौली थाना क्षेत्र अंतर्गत घिरी गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक मकान की नींव की खुदाई के दौरान जमीन से जिंदा बम मिलने की जानकारी सामने आई। मजदूर मकान निर्माण के लिए गड्ढा खोद रहे थे, तभी उन्हें मिट्टी के अंदर एक संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। पास जाकर देखने पर मामला गंभीर लगा, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
घटना की खबर फैलते ही इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई और आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। लोगों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि आखिर रिहायशी इलाके में जिंदा बम कैसे पहुंचा।
जानकारी के अनुसार घिरी गांव में एक मकान का निर्माण कार्य चल रहा था। नींव की खुदाई के दौरान मजदूरों को जमीन के अंदर धातु जैसी एक भारी वस्तु दिखाई दी। शुरुआत में इसे सामान्य कबाड़ समझा गया, लेकिन आकार और बनावट देखकर मजदूरों को संदेह हुआ।
मामले की सूचना तत्काल मझौली थाना पुलिस को दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र को घेर लिया गया। इसके बाद सेना के बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया।
मौके पर पहुंचे बम निरोधक दस्ते ने जांच के बाद पुष्टि की कि बरामद वस्तु एक जिंदा बम है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इसका उपयोग सैन्य अभ्यास या रक्षा गतिविधियों में किया जाता है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बम स्क्वॉड ने बेहद सावधानी के साथ बम को अपने कब्जे में लिया और उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाकर निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू की।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह बम किसी कारणवश विस्फोट कर जाता, तो आसपास के क्षेत्र में बड़ा नुकसान हो सकता था। यही वजह रही कि पूरी कार्रवाई सुरक्षा मानकों के तहत की गई।
जिंदा बम मिलने की खबर गांव में तेजी से फैल गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। कई लोग घटना को लेकर हैरानी जताते नजर आए, क्योंकि आमतौर पर रिहायशी क्षेत्र में इस तरह की सैन्य सामग्री मिलने की घटनाएं बेहद दुर्लभ मानी जाती हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले कभी ऐसी घटना नहीं देखी। पुलिस ने लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील भी की।
घटना के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर यह बम जमीन के अंदर कैसे पहुंचा। पुलिस इस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।
प्रारंभिक जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कहीं किसी व्यक्ति द्वारा इसे चोरी कर यहां छिपाया तो नहीं गया था। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जबलपुर सैन्य गतिविधियों और रक्षा प्रतिष्ठानों के लिए महत्वपूर्ण शहर माना जाता है। ऐसे में मामले को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा एजेंसियां भी जानकारी जुटा रही हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल बम को सुरक्षित कब्जे में लेकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बम का स्रोत क्या था और वह घिरी गांव तक कैसे पहुंचा।
इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और सैन्य सामग्री की निगरानी को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल ग्रामीणों के बीच इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा बनी हुई है।
अपनी खबर हमें भेजें – हम उसे दुनिया तक पहुँचाएंगे।
© 2026 Jabalpur Breaking. All rights reserve
No Comments