
Last updated: May 18th, 2026 at 10:52 am
जबलपुर में आयोजित “न्यायपालिका में टेक्नोलॉजी और डिजिटल इंटीग्रेशन” विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने न्याय व्यवस्था में तकनीकी बदलावों को समय की बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि डिजिटल नवाचारों की मदद से आम लोगों को तेजी से और पारदर्शी तरीके से न्याय उपलब्ध कराया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश की न्याय परंपरा बेहद समृद्ध और ऐतिहासिक रही है। सम्राट विक्रमादित्य और देवी अहिल्याबाई होल्कर के समय से प्रदेश में न्याय व्यवस्था समाज के लिए प्रेरणा का केंद्र रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्तमान दौर नवाचार और तकनीक का युग है। ऐसे समय में लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने में न्यायपालिका की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन सिस्टम और नई तकनीकों के इस्तेमाल से न्यायिक प्रक्रिया तेज हुई है। इससे लोगों को न्याय पाने में सुविधा मिल रही है और पारदर्शिता भी बढ़ी है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है, जिनसे आम नागरिकों तक सरकारी सेवाएं आसान और डिजिटल माध्यम से पहुंच सकें।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा द्वारा न्यायपालिका में किए जा रहे डिजिटल सुधारों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा डिजिटल प्लेटफॉर्म को मजबूत करने और दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाएं विकसित करने की पहल सराहनीय है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, न्याय व्यवस्था में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल केवल प्रक्रियाओं को आसान नहीं बनाता, बल्कि यह न्याय को अधिक समावेशी और सुलभ भी बनाता है।
सेमिनार में न्यायपालिका के भीतर दिव्यांगजनों के लिए तैयार की गई डिजिटल सुविधाओं को भी महत्वपूर्ण पहल माना गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे प्रयास यह सुनिश्चित करते हैं कि समाज के हर वर्ग को समान रूप से न्याय मिल सके। यही लोकतंत्र की असली ताकत है।
कार्यक्रम में सुप्रीम Court के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने उनके जबलपुर आगमन पर स्वागत और अभिनंदन किया।
इस दौरान न्यायपालिका में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, ई-कोर्ट व्यवस्था और भविष्य की न्यायिक चुनौतियों पर भी चर्चा हुई।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में डिजिटल टेक्नोलॉजी न्यायपालिका का अहम हिस्सा बनने जा रही है। ई-फाइलिंग, वर्चुअल सुनवाई और डिजिटल रिकॉर्ड जैसी सुविधाएं न्यायिक प्रक्रिया को और तेज कर सकती हैं।
मध्य प्रदेश में भी लगातार डिजिटल गवर्नेंस और टेक्नोलॉजी आधारित प्रशासनिक सुधारों पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में न्यायपालिका और शासन के बीच तकनीकी समन्वय भविष्य में बड़ी भूमिका निभा सकता है।
जबलपुर में आयोजित यह राष्ट्रीय सेमिनार न्यायपालिका में तकनीकी बदलावों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ संकेत दिए कि आने वाले समय में डिजिटल इंटीग्रेशन न्याय व्यवस्था को अधिक मजबूत, पारदर्शी और आमजन के लिए सुलभ बनाएगा।
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