
Last updated: May 18th, 2026 at 05:37 pm
जबलपुर के कटंगी थाना क्षेत्र के ग्राम कूडन में बीएसएफ से सेवानिवृत्त एक बुजुर्ग द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद मौके से मिले सुसाइड नोट और मोबाइल फोन में मौजूद एक महिला के कथित धमकी भरे ऑडियो ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और मामले के हर पहलू की पड़ताल की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, मूलतः भेड़ाघाट निवासी 69 वर्षीय शिवकुमार श्रीवास्तव पिछले दो वर्षों से कटंगी क्षेत्र के कूडन गांव में अपने बेटे और बहू के साथ रह रहे थे। बुधवार सुबह उनका शव कमरे में फंदे से लटका मिला।
परिजनों के मुताबिक, मंगलवार रात उन्होंने परिवार के साथ सामान्य रूप से भोजन किया और अपने कमरे में सोने चले गए थे। अगली सुबह जब वे रोज की तरह टहलने के लिए बाहर नहीं निकले, तो बेटे और बहू ने दरवाजा खटखटाया। अंदर से कोई जवाब नहीं मिलने पर पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया, जहां उनका शव फांसी के फंदे पर लटका मिला।
पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है। नोट में शिवकुमार श्रीवास्तव ने लिखा:
“मैं अपनी जिंदगी का सफर तय करते-करते अब थक गया हूं, परेशान हो गया हूं। अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहा हूं, इसका जिम्मेदार मैं स्वयं हूं।”
उन्होंने अपने नोट में थाना प्रभारी से यह अनुरोध भी किया कि उनकी मौत के लिए किसी अन्य व्यक्ति को परेशान न किया जाए।
हालांकि, सुसाइड नोट में किसी का नाम नहीं होने के बावजूद मोबाइल फोन से मिले ऑडियो ने पुलिस की जांच को नई दिशा दे दी है।
पुलिस के अनुसार, मृतक के मोबाइल फोन में एक महिला की आवाज वाला ऑडियो रिकॉर्ड मिला है। ऑडियो में कथित तौर पर महिला शिवकुमार को धमकाते हुए कह रही है:
“कितने दिन फोन बंद करके रखेगा… घर से निकालकर मारूंगी। ऐसी बेइज्जती करूंगी कि उसे सुसाइड ही करना पड़ेगा।”
यह ऑडियो मानसिक प्रताड़ना की आशंका को मजबूत कर रहा है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि महिला कौन है और उसका मृतक से क्या संबंध था।
घटना की सूचना मिलते ही कटंगी थाना प्रभारी पूजा उपाध्याय और एएसपी सूर्यकांत शर्मा मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल College भेज दिया है और सुसाइड नोट व मोबाइल ऑडियो को जब्त कर लिया गया है।
एएसपी सूर्यकांत शर्मा के अनुसार, ऑडियो में सुनाई देने वाली महिला की पहचान की जा रही है। जल्द ही संबंधित महिला से पूछताछ कर मामले के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा।
यह घटना समाज में बढ़ती मानसिक प्रताड़ना और वरिष्ठ नागरिकों की भावनात्मक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि बुजुर्गों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना भी उतना ही गंभीर विषय है जितना शारीरिक उत्पीड़न।
ऐसे मामलों में परिवार, समाज और प्रशासन की संवेदनशील भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है, ताकि समय रहते किसी व्यक्ति को सहायता और भावनात्मक समर्थन मिल सके।
कटंगी क्षेत्र में सामने आया यह मामला केवल एक आत्महत्या का नहीं, बल्कि संभावित मानसिक प्रताड़ना और सामाजिक संवेदनशीलता से जुड़ा गंभीर विषय बन गया है। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि मोबाइल में मिले ऑडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की असली वजह क्या सामने आती है।
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