होमट्रेंडिंगजबलपुर पहुंचे मंत्री राकेश सिंह ने राहुल-प्रियंका गांधी पर साधा निशाना, बोले- लोकतंत्र की मर्यादा जरूरी

जबलपुर पहुंचे मंत्री राकेश सिंह ने राहुल-प्रियंका गांधी पर साधा निशाना, बोले- लोकतंत्र की मर्यादा जरूरी

-
जबलपुर। मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर निशाना
जबलपुर में राकेश सिंह का राहुल-प्रियंका गांधी पर हमला

जबलपुर। मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर निशाना साधते हुए उनके बयानों और आचरण को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ हुए विपक्ष के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस एक ओर पितृसत्ता खत्म करने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर प्रदर्शन के दौरान महिला पुलिसकर्मियों के साथ कथित धक्कामुक्की के दृश्य सामने आए हैं।

राकेश सिंह ने कहा कि राजनीतिक नेताओं और उनके परिवारों को कोई विशेषाधिकार प्राप्त नहीं है। पुलिसकर्मी जनता की सुरक्षा के लिए तैनात होते हैं और उनके साथ किसी भी तरह की हिंसा या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना विरोध का उचित तरीका नहीं है।

महिला पुलिसकर्मियों के साथ व्यवहार पर उठाए सवाल

मंत्री राकेश सिंह ने प्रियंका गांधी के संदर्भ में कहा कि सार्वजनिक रूप से महिला अधिकारों और पितृसत्ता के खिलाफ बात करने के साथ व्यवहार में भी समानता और सम्मान दिखाई देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के साथ कथित धक्कामुक्की और सरकारी वाहनों या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाओं को केवल राजनीतिक विरोध कहकर उचित नहीं ठहराया जा सकता। उनके मुताबिक, कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या कानून तोड़ना उसकी राजनीति का हिस्सा है।

दिल्ली में विपक्षी नेताओं के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की खबरें सामने आई थीं। इस घटनाक्रम को लेकर भाजपा नेताओं ने कांग्रेस की आलोचना की है, जबकि प्रियंका गांधी ने पुलिसकर्मियों द्वारा उन्हें जबरन हटाए जाने और उनके साथ दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया था।

संविधान और चुनाव आयोग को लेकर भी उठाए सवाल

राकेश सिंह ने अपने बयान में संविधान और चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संविधान की प्रति दिखाना आसान है, लेकिन उसकी मर्यादाओं का पालन करना भी उतना ही जरूरी है।

उन्होंने केरल और तमिलनाडु के चुनावों का जिक्र करते हुए सवाल किया कि जब चुनाव आयोग की प्रक्रिया से कांग्रेस को अनुकूल परिणाम मिलते हैं, तब आयोग पर सवाल क्यों नहीं उठाए जाते, जबकि विपरीत परिणाम आने पर उसकी कार्यप्रणाली पर आपत्ति जताई जाती है।

मंत्री ने इसे सुविधा के अनुसार संस्थाओं पर सवाल उठाने की राजनीति बताते हुए कांग्रेस से अपने रुख में स्पष्टता रखने की बात कही।

बोले- विरोध का अधिकार है, लेकिन मर्यादा भी जरूरी

राकेश सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को सवाल पूछने और आंदोलन करने का अधिकार है। हालांकि, उनके अनुसार, इन अधिकारों का इस्तेमाल करते समय कानून और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करना भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि कोई भी राजनीतिक दल या नेता कानून से ऊपर नहीं है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी को निर्धारित नियमों और मर्यादाओं के भीतर रहकर अपनी बात रखनी चाहिए।

दिल्ली प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज

चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हुए हैं। भाजपा नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर कांग्रेस की आलोचना की है। वहीं, कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।

जबलपुर में राकेश सिंह का बयान भी इसी राजनीतिक विवाद से जुड़ा है। उनके वक्तव्य के बाद अब इस मुद्दे पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया और आगे की राजनीतिक बयानबाजी पर नजर रहेगी।

आपको यह भी पसंद आ सकता है

केन-बेतवा परियोजना पर हाईकोर्ट में सुनवाई, CEC रिपोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही की स्थिति मांगी

मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र की केन-बेतवा लिंक परियोजना के पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों

जबलपुर में शासकीय कार्यों में लापरवाही पर कार्रवाई, 18 पटवारी निलंबित; 164 को नोटिस

जबलपुर जिले में शासकीय कार्यों और प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना करने वाले पटवारियों के खिलाफ

No Comments