होमट्रेंडिंगबरेला में सड़क किनारे चाय की दुकान पर रुके CM मोहन यादव, सास-बहू के ढाबे पर भी पहुंचे

बरेला में सड़क किनारे चाय की दुकान पर रुके CM मोहन यादव, सास-बहू के ढाबे पर भी पहुंचे

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जबलपुर प्रवास के दौरान बरेला में उनका अलग अंदाज देखने को मिला। मंडला में तेंदूपत्ता
बरेला में CM मोहन यादव ने सड़क किनारे पी चाय, मयंक साहू का सम्मान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जबलपुर प्रवास के दौरान बरेला में उनका अलग अंदाज देखने को मिला। मंडला में तेंदूपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से डुमना विमानतल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान बरेला में उन्होंने अपना काफिला रोककर सड़क किनारे स्थित चाय की दुकान पर कुछ देर रुककर चाय पी।

अग्रवाल होटल पर रुककर पी चाय

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बरेला में शारदा माता मंदिर के सामने स्थित अग्रवाल होटल पहुंचे। यहां उन्होंने दुकान पर बैठकर चाय पी और संचालक से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने चाय के पैसे भी स्वयं चुकाए।

बताया गया कि मुख्यमंत्री के मंडला से सड़क मार्ग से जबलपुर आने की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग बरेला में उनके स्वागत के लिए एकत्र हुए थे। लोगों को देखकर मुख्यमंत्री ने अपना काफिला रुकवाया और उनसे मिलने के लिए चाय की दुकान पर पहुंच गए।

इस दौरान भाजपा जबलपुर नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर और भाजपा दिव्यांगजन प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष संदीप रजक सहित अन्य लोग भी मौके पर मौजूद रहे।

सन राइज फैमिली ढाबे पर भी रुके मुख्यमंत्री

इसके बाद मुख्यमंत्री का काफिला बरेला स्थित सन राइज फैमिली ढाबे पर भी रुका। यह ढाबा आरती दुबे और उनकी बहू सुरभि दुबे द्वारा संचालित किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने यहां भी चाय पी और ढाबा संचालक सास-बहू से बातचीत की। उन्होंने परिवार के सदस्यों के बारे में जानकारी ली और उनके कामकाज के संबंध में भी चर्चा की।

इस दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष ग्रामीण राजकुमार पटेल, विधायक नीरज सिंह और जिला महामंत्री कृष्ण शेखर सिंह सहित पार्टी के अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

बच्चों को निःशुल्क कोचिंग देने वाले मयंक साहू का सम्मान

ढाबे पर मुख्यमंत्री ने बरेला के बच्चों को निःशुल्क कोचिंग देने वाले युवा मयंक साहू से भी मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने बच्चों की शिक्षा के लिए किए जा रहे उनके प्रयासों की सराहना की और शॉल ओढ़ाकर उनका सम्मान किया।

मुख्यमंत्री के अचानक सड़क किनारे चाय की दुकान और स्थानीय ढाबे पर रुकने से वहां मौजूद लोगों को उनसे सीधे मिलने और बातचीत करने का मौका मिला। बरेला में मुख्यमंत्री के इस दौरे की चर्चा स्थानीय स्तर पर रही।

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