
Last updated: October 5th, 2026 at 11:23 am
कटंगी/पाटन। ग्राम देवरी, पाटन निवासी 5 वर्षीय बच्ची दीक्षा ठाकुर की सांप के काटने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि बच्ची की हालत गंभीर होने के बावजूद उसे समय पर जबलपुर मेडिकल कॉलेज पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था नहीं हो सकी। एम्बुलेंस के टायर में खराबी बताए जाने के कारण बच्ची को करीब दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
परिजनों के अनुसार, सांप के काटने के बाद बच्ची दीक्षा को तत्काल कटंगी के शासकीय अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने बच्ची को प्राथमिक उपचार दिया और इंजेक्शन लगाया। हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर उपचार के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
परिजनों का कहना है कि बच्ची को अस्पताल से रेफर किए जाने के बाद उसे जबलपुर ले जाने के लिए एम्बुलेंस की जरूरत थी।
परिजनों के मुताबिक, अस्पताल परिसर में एम्बुलेंस उपलब्ध थी, लेकिन उसके टायर में खराबी होने की बात बताई गई। आरोप है कि एम्बुलेंस चालक वाहन लेकर चला गया और बच्ची को तत्काल जबलपुर नहीं ले जाया जा सका।
परिजनों के अनुसार, करीब दो घंटे तक इंतजार और व्यवस्था की कोशिशों के बाद बच्ची को जबलपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया। इसी दौरान रास्ते में उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद ग्राम देवरी सहित आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है। परिजनों और ग्रामीणों ने सरकारी अस्पताल की एम्बुलेंस व्यवस्था और वाहनों के रखरखाव को लेकर सवाल उठाए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गंभीर मरीजों को रेफर किए जाने की स्थिति में एम्बुलेंस का समय पर उपलब्ध और चालू हालत में होना बेहद जरूरी है। हालांकि, बच्ची की मौत का कारण और एम्बुलेंस में देरी की वास्तविक भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मामले में टीई गोपेन्द्र सिंह राजपूत ने कहा कि यदि लापरवाही सामने आती है तो संबंधित चालक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि एम्बुलेंस में तकनीकी खराबी की स्थिति क्या थी और बच्ची को जबलपुर भेजने में हुई देरी के लिए कौन जिम्मेदार था।
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