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जबलपुर में नशीली दवाओं की शिकायत पर मेडिकल स्टोर सील, अबॉर्शन किट की बिक्री की भी जांच

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शहर के नेपियर टाउन इलाके में कथित तौर पर नशीली और मादक दवाओं के अवैध क्रय-विक्रय की शिकायत पर खाद्य
जबलपुर में नशीली दवाओं की शिकायत पर मेडिकल स्टोर सील

शहर के नेपियर टाउन इलाके में कथित तौर पर नशीली और मादक दवाओं के अवैध क्रय-विक्रय की शिकायत पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने पुलिस के साथ कार्रवाई की। टीम ने मेसर्स लक्ष्मी फार्मा, जबलपुर हॉस्पिटल के पास, नेपियर टाउन का निरीक्षण करने के बाद प्रतिष्ठान को सील कर दिया।

विभाग के अनुसार, मेडिकल स्टोर के संबंध में औषधियों के कथित अवैध क्रय-विक्रय की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में मादक/नशीली औषधियों और गर्भपात संबंधी किटों (Abortion Kits) के कथित क्रय-विक्रय से जुड़े इनपुट सामने आए थे। मामले की जांच अभी जारी है और आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

शिकायत के सत्यापन के लिए पहुंची टीम

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में पदस्थ ड्रग इंस्पेक्टर शरद कुमार जैन के अनुसार, मेसर्स लक्ष्मी फार्मा के संबंध में मिली शिकायत की जांच के लिए कार्रवाई की गई।

विभाग की टीम ने सूचना के सत्यापन के साथ संबंधित औषधियों और अभिलेखों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया। शिकायत में मेसर्स श्री साईं एजेंसी, पनागर के नाम पर कथित रूप से मादक या नशीली औषधियों और अबॉर्शन किट के क्रय-विक्रय की बात भी सामने आई थी।

निरीक्षण के दौरान बंद मिला मेडिकल स्टोर

अधिकारियों के मुताबिक निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान बंद मिला। मामले की जांच में संबंधित दवाओं और अभिलेखों की उपलब्धता तथा उनकी वैधानिकता का परीक्षण आवश्यक होने के कारण विभाग ने प्रतिष्ठान को सील कर दिया।

यह कार्रवाई औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 और उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के तहत प्रदत्त शक्तियों के अनुसार की गई है।

जांच पूरी होने तक स्टोर नहीं खोलने के निर्देश

विभाग ने प्रतिष्ठान संचालक को निर्देश दिए हैं कि जांच पूरी होने तक मेडिकल स्टोर को न खोला जाए। साथ ही कथित अबॉर्शन किट और मादक/नशीली औषधियों से संबंधित किसी भी प्रकार का क्रय-विक्रय नहीं किया जाए।

अधिकारियों के अनुसार, प्रतिष्ठान को दोबारा खोलने से पहले संबंधित कार्यालय से संपर्क करना आवश्यक होगा। विभाग अब उपलब्ध रिकॉर्ड और संबंधित औषधियों की वैधानिकता की जांच करेगा।

आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच के बाद

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई मिली सूचना के सत्यापन और नियमानुसार जांच की प्रक्रिया के तहत की गई है। फिलहाल किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि नहीं हुई है।

जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

कार्रवाई में ये अधिकारी-कर्मचारी रहे मौजूद

कार्रवाई के दौरान खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग और पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। इनमें:

  • शरद कुमार जैन — औषधि निरीक्षक
  • प्रवीण पटेल — औषधि निरीक्षक
  • संतोष पाण्डेय — एएसआई, क्राइम ब्रांच
  • इन्द्रजीत यादव — आरक्षक
  • संतोष शाह — आरक्षक

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