
Last updated: September 17th, 2026 at 04:25 pm
कटनी में जमीन सौदे और कथित फर्जीवाड़े से जुड़े मामले में निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया ने अपने खिलाफ दर्ज FIR को निरस्त कराने के लिए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का रुख किया है। बुधवार, 16 सितंबर को जस्टिस हिमांशु जोशी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
नेहा पच्चीसिया के खिलाफ कटनी के कुठला थाने में विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज है। इसके बाद उन्होंने गिरफ्तारी से राहत के लिए जिला अदालत में अग्रिम जमानत की मांग की थी, लेकिन उनकी याचिका खारिज हो चुकी है।
अब उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर FIR को चुनौती दी है। बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि FIR में नेहा पच्चीसिया की कोई स्पष्ट और प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है तथा उन्हें मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से नेहा पच्चीसिया और सह-आरोपी क्षितिज राज बारापात्रे के संबंधों को लेकर जांच में सामने आए तथ्यों का हवाला दिया गया।
अभियोजन के अनुसार, जांच में दोनों के एक ही मकान में पति-पत्नी की तरह रहने की बात सामने आई है। सरकारी पक्ष ने कुछ पुलिसकर्मियों के बयानों का भी उल्लेख किया, जिनमें क्षितिज को नेहा का पति बताए जाने की बात कही गई।
अभियोजन ने यह भी दावा किया कि नेहा के अधीन पदस्थ एक आरक्षक के माध्यम से घर का राशन और अन्य सामान मंगाया जाता था तथा इन सामानों का भुगतान क्षितिज द्वारा किए जाने की जानकारी जांच में सामने आई है। ये सभी बातें अभियोजन की ओर से अदालत के समक्ष रखे गए दावे हैं।
सुनवाई के दौरान अभियोजन ने जिला अदालत में हुई अग्रिम जमानत की कार्यवाही का भी हवाला दिया। सरकारी पक्ष के मुताबिक, उस दौरान नेहा पच्चीसिया और क्षितिज राज ने एक-दूसरे को पहचानने से इनकार किया था।
वहीं, नेहा की ओर से यह पक्ष भी रखा गया कि उनका वैवाहिक संबंध समाप्त हो चुका है और उनकी दो छोटी बच्चियों की जिम्मेदारी उनके ऊपर है।
मामला कटनी के कुठला थाना क्षेत्र में जमीन के कथित विवादित सौदे से जुड़ा बताया गया है। अभियोजन के अनुसार, एक हत्या के मामले में जमानत मिलने के बाद करीब एक करोड़ रुपये मूल्य की जमीन को कथित तौर पर काफी कम कीमत में खरीदे जाने का मामला सामने आया।
कुछ रिपोर्टों में जमीन की कीमत और रजिस्ट्री रकम के बीच बड़े अंतर का उल्लेख किया गया है। जांच में जमीन के सौदे, संबंधित वित्तीय लेनदेन और आरोपितों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
बुधवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया। फिलहाल FIR को निरस्त करने या याचिका पर राहत देने को लेकर अदालत का अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।
मामले में नेहा पच्चीसिया के अलावा अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। आरोपों और जांच से जुड़े तथ्यों पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष अदालत के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।
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