होमट्रेंडिंगशहपुरा ऑइल डिपो के सामने वाहनों की कतार बनी एक्सीडेंटल प्वाइंट

शहपुरा ऑइल डिपो के सामने वाहनों की कतार बनी एक्सीडेंटल प्वाइंट

-
नागपुर हाईवे पर शहपुरा के आउटर में ऑइल डिपो के सामने खड़े भारी वाहनों की कतार अब लोगों के लिए
शहपुरा ऑइल डिपो के सामने टैंकरों की कतार से हादसे का खतरा

नागपुर हाईवे पर शहपुरा के आउटर में ऑइल डिपो के सामने खड़े भारी वाहनों की कतार अब लोगों के लिए परेशानी के साथ-साथ दुर्घटना का खतरा भी बढ़ा रही है। डिपो के सामने सड़क के दोनों ओर तेल टैंकर खड़े रहने से हाईवे का एक बड़ा हिस्सा प्रभावित हो रहा है। ऐसे में तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों के बीच अचानक टैंकर, मवेशी या दूसरे वाहन आने पर हादसे की आशंका बनी रहती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां टैंकरों की पार्किंग केवल कुछ समय के लिए नहीं होती, बल्कि दिन-रात भारी वाहनों की कतार लगी रहती है। कई बार सड़क किनारे एक-दो नहीं बल्कि दो से तीन टैंकर एक साथ खड़े कर दिए जाते हैं। इससे सड़क के किनारे उपलब्ध जगह भी खत्म हो जाती है।

सड़क किनारे का कैचमेंट एरिया भी हो रहा प्रभावित

ऑइल डिपो के सामने सड़क के दोनों तरफ तेल टैंकर खड़े होने से सड़क का कैचमेंट एरिया भी वाहनों की पार्किंग की चपेट में रहता है। सामान्य स्थिति में जरूरत पड़ने पर वाहन चालक सड़क किनारे इस हिस्से का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन टैंकर खड़े होने के कारण यह जगह उपलब्ध नहीं रहती।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, हाईवे पर वाहनों की रफ्तार अधिक होने के कारण ऐसी स्थिति कभी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। खासकर जब सामने से कोई वाहन आए या सड़क पर अचानक कोई मवेशी पहुंच जाए, तब चालक के पास वाहन को सुरक्षित दिशा में ले जाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचती।

दिन-रात खड़े रहते हैं तेल टैंकर

ग्रामीणों का कहना है कि ऑइल डिपो के सामने टैंकरों की कतार लगातार बनी रहती है। दिन के समय तो भारी वाहनों की आवाजाही रहती ही है, रात में भी यहां टैंकर खड़े दिखाई देते हैं।

एक साथ कई टैंकर खड़े होने से हाईवे का किनारा संकरा हो जाता है। इसके चलते पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पार करना तक मुश्किल हो गया है।

मवेशियों की मौजूदगी से बढ़ रहा हादसे का खतरा

टैंकरों की पार्किंग के अलावा सड़क किनारे मवेशियों की मौजूदगी भी चिंता का विषय बनी हुई है। बारिश के कारण सड़क किनारे बने गड्ढों में पानी भरने से मवेशी अक्सर इसी हिस्से में पहुंच जाते हैं।

शुक्रवार रात सड़क पर मवेशियों की मौजूदगी के कारण एक लोडिंग पिकअप टैंकर से टकराने से बाल-बाल बची। अचानक सामने आए मवेशियों के कारण वाहन चालक को काफी सतर्कता बरतनी पड़ी।

रविवार को टैंकर से टकराते बची कार

रविवार दोपहर भी यहां ऐसी ही स्थिति देखने को मिली। एक टैंकर सड़क पार कर रहा था। इसी दौरान सामने से आ रही कार के चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिया।

अचानक ब्रेक लगने के बाद कार सड़क पर घिसटती हुई टैंकर तक पहुंच गई और उसे छू गई। गनीमत रही कि इस दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।

वहीं सोमवार सुबह भी टैंकरों की मौजूदगी के कारण सड़क पर जाम जैसे हालात बनने की बात सामने आई। मौके पर मौजूद लोगों ने वाहनों को निकालने के लिए किसी तरह रास्ता बनाया।

ग्रामीणों ने बताई परेशानी

ग्रामीण किशन का कहना है कि टैंकरों की वजह से सड़क पार करना भी मुश्किल हो रहा है। सड़क किनारे लोगों के चलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचती।

संतोष के मुताबिक, टैंकरों की वजह से सड़क किनारे गड्ढे बन गए हैं। बारिश का पानी इन गड्ढों में भर जाता है और मवेशी भी वहां पहुंच जाते हैं।

वहीं कंछेदी ने कहा कि हाईवे पर वाहनों की रफ्तार अधिक रहती है। ऐसे में टैंकरों की कतार के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उन्होंने पुलिस कार्रवाई की जरूरत बताई।

पुलिस बोली- कार्रवाई के बाद फिर लौट जाते हैं हालात

शहपुरा थाना प्रभारी प्रवीण धुर्वे ने इसे गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से कार्रवाई की गई है, लेकिन कुछ समय बाद हालात फिर जस के तस हो जाते हैं।

टीआई के मुताबिक, ऑइल डिपो के पास खुद की पार्किंग व्यवस्था है, लेकिन उसका इस्तेमाल नहीं किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस की ओर से इस संबंध में पत्र भी लिखा जा चुका है।

अब सवाल यह है कि हाईवे के किनारे लगातार खड़े रहने वाले भारी वाहनों को व्यवस्थित करने के लिए स्थायी व्यवस्था कब लागू होगी। स्थानीय लोगों की मांग है कि टैंकरों को सड़क से हटाकर निर्धारित पार्किंग में खड़ा कराया जाए, ताकि हाईवे पर यातायात सुचारु रहे और दुर्घटनाओं का खतरा कम हो।

आपको यह भी पसंद आ सकता है

केन-बेतवा परियोजना पर हाईकोर्ट में सुनवाई, CEC रिपोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही की स्थिति मांगी

मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र की केन-बेतवा लिंक परियोजना के पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों

जबलपुर में शासकीय कार्यों में लापरवाही पर कार्रवाई, 18 पटवारी निलंबित; 164 को नोटिस

जबलपुर जिले में शासकीय कार्यों और प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना करने वाले पटवारियों के खिलाफ

No Comments