होमजबलपुर दक्षिणअधारतालतैड़ी नीम में पानी की किल्लत पर निगम में ज्ञापन, अमृत-2 की टंकी में देरी का मुद्दा

तैड़ी नीम में पानी की किल्लत पर निगम में ज्ञापन, अमृत-2 की टंकी में देरी का मुद्दा

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लाल बहादुर शास्त्री वार्ड की तैड़ी नीम बस्ती में पेयजल संकट को लेकर रहवासियों ने नगर निगम पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।
तैड़ी नीम में पानी की किल्लत, निगम में ज्ञापन

लाल बहादुर शास्त्री वार्ड की तैड़ी नीम बस्ती में पेयजल संकट को लेकर रहवासियों ने नगर निगम पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। मंगत सिद्दीकी के नेतृत्व में महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू को ज्ञापन देकर क्षेत्र में पानी की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की गई।

रहवासियों के मुताबिक, बस्ती में बड़ी संख्या में घर होने के बावजूद पेयजल व्यवस्था के लिए महज एक बोरिंग और टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इसके कारण लोगों को नियमित रूप से पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

अमृत-2 योजना की पानी की टंकी में देरी

ज्ञापन में मुख्य रूप से अमृत-2 योजना के तहत स्वीकृत पानी की टंकी का निर्माण जल्द शुरू कराने की मांग की गई। रहवासियों का कहना है कि टंकी निर्माण में हो रही देरी के कारण क्षेत्र की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, गर्मी के अलावा सामान्य दिनों में भी पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने से बस्ती के लोगों को परेशानी होती है। टैंकरों के भरोसे पानी की व्यवस्था किए जाने से लोगों को नियमित जलापूर्ति नहीं मिल पा रही है।

टंकी बनने तक अस्थायी नर्मदा लाइन की मांग

रहवासियों ने ज्ञापन में कहा कि जब तक अमृत-2 योजना के तहत पानी की टंकी का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।

इसके लिए किसी अन्य क्षेत्र से पाइपलाइन जोड़कर तैड़ी नीम बस्ती तक नर्मदा जल की अस्थायी सप्लाई शुरू करने की मांग रखी गई। इससे टंकी निर्माण पूरा होने तक लोगों को राहत मिल सकती है।

महापौर ने अधिकारियों से चर्चा का दिया आश्वासन

ज्ञापन प्राप्त होने के बाद महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने एमआईसी और संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर समस्या के समाधान की दिशा में जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया।

अधिकारियों से चर्चा के बाद वैकल्पिक पाइपलाइन व्यवस्था के जरिए पेयजल समस्या के अस्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाने की बात भी कही गई। इससे रहवासियों को उम्मीद है कि टंकी का निर्माण पूरा होने तक वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा सकेगी।

स्थायी समाधान की मांग

रहवासियों का कहना है कि अस्थायी व्यवस्था से कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है, लेकिन क्षेत्र की बढ़ती आबादी और बड़ी संख्या में घरों को देखते हुए स्थायी पेयजल व्यवस्था जरूरी है।

अब क्षेत्र के लोगों की नजर अमृत-2 योजना के तहत प्रस्तावित पानी की टंकी के निर्माण और वैकल्पिक पाइपलाइन व्यवस्था को लेकर नगर निगम की आगामी कार्रवाई पर है।

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